अशोक मिश्र
किसी भी तकनीक का जब आविष्कार किया जाता है, तो आविष्कारक की मंशा देश और समाज का भला करने की ही होती है। आविष्कारक यही सोचता है कि इस आविष्कर से समाज की उन्नति होगी, देश आगे बढ़ेगा। लोगों को सहूलियत होगी। लेकिन जब लोग इसका दुरुपयोग करने लगते हैं, तो वह देश और समाज के लिए घातक हो जाती है। सोशल मीडिया की खोज मानव समाज के लिए एक क्रांतिकारी घटना मानी गई। इसके जरिये लोगों को अभिव्यक्ति का एक क्रांतिकारी मंच हासिल हुआ।लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने विचारों को अभिव्यक्त करके दूसरों तक पहुंचाया। विचारों का आदान-प्रदान सुलभ हो गया। लेकिन कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोग इसका दुरुपयोग भी करने लगे हैं। अब तो इसका उपयोग अपराध करने में भी होने लगा है। सोशल मीडिया के माध्यम से आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पहले युवतियों और महिलाओं से दोस्ती करते हैं, उसके बाद उनसे दुराचार करते हैं। पलवल के मुंडकटी गांव की युवती से मुथरा के एक युवक ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती की।
एक दिन युवती को विश्वास में लेकर होटल में ले गया और उससे दुराचार किया। युवती ने जब विरोध किया, तो उससे शादी करने का झांसा दिया गया। दुराचार का सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चला। युवक के परिजनों ने भी युवती को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। ऐसी ही एक और मामला सामने आया जिसमें एक व्यक्ति ने पीड़िता की अश्लील फोटो फर्जी आईडी बनाकर इंस्टाग्राम पर डाल दी। पीड़िता की छवि खराब किया गया। दरअसल, ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।
सोशल मीडिया पर बहुत सारे ऐसे लोग सक्रिय रहते हैं जो महिलाओं या युवतियों को अपने चंगुल में फंसाने की फिराक में रहते हैं। पहले युवतियों से दोस्ती करते हैं। फिर धीरे-धीरे प्रेमजाल में फंसाते हैं। जब उनको लगता है कि शिकार पूरी तरह उन पर विश्वास करने लगा है, तब वह उससे मिलने का दबाव डालते हैं। मिलने पर दुराचार करते हैं और उसकी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। यही नहीं, साइबर अपराधी भी सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। वह अपने शिकार पर निगाह रखते हैं। अपने शिकार के बारे में सोशल मीडिया पर मौजूद सारी जानकारियां इकट्ठी करते हैं।
इसके बाद उनसे दोस्ती गांठते हैं और फिर पूंजी निवेश का झांसा देकर लूट लेते हैं। ऐसे लोग ही डिजिटल अरेस्ट के भी शिकार होते हैं। कुछ लोगों की यह बुरी आदत होती है कि वह अपने घर की बातें भी सोशल मीडिया पर डालते रहते हैं। जैसे वह कहां जा रहे हैं, पूरा परिवार कहीं घूमने जा रहा है या नहीं। परिवार की यह छोटी-छोटी बातें अपराधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होती हैं। वह इसी का फायदा उठाकर घर में चोरी तक कर लेते हैं।

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