Saturday, January 31, 2026

सीने पर तलवार लटकी हो तो नींद कैसे आएगी

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

दुनिया में मृत्यु ही शाश्वत सत्य है, लेकिन ज्यादातर लोग इस बात को भूल जाते हैं। धन, संपत्ति और वैभवशाली जीवन को ही वह जीवन की उपलब्धि मान बैठते हैं। वह इस बात को कतई ध्यान नहीं रखते हैं कि मृत्यु के बाद सारी संपदा और वैभव को यहीं छोड़कर जाना होगा। 

इस संबंध में एक बहुत ही रोचक कथा है। एक व्यक्ति को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा हुई। वह सोचने लगा कि वह किससे मिले जिससे उसकी जिज्ञासा का शमन हो। काफी सोचविचार करने के बाद वह एक गुरुकुल के आचार्य के पास पहुंचा और उसने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की। आचार्य ने कुछ देर सोच विचार के बाद उसे राजा के पास भेज दिया। 

वह व्यक्ति राजा के पास पहुंचा। राजा उसे अपने साथ लेकर राजदरबार में पहुंचा, जहां नर्तकियां उत्तेजक नृत्य कर रही थीं। वह आदमी घबरा गया। उसने राजा से कहा कि वह ऐसे माहौल में क्या ज्ञान प्राप्त करेगा। वह तो यहां पर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने आया था। राजा ने उससे कहा कि तुम बस केवल एक दिन यहां रुक जाओ, कल यहां से चले जाना। 

राजा ने उस व्यक्ति की खूब आवभगत की। इसके बाद जब रात हुई, तो उस व्यक्ति को महल के ही एक कमरे में आलीशान मुलायम गद्दे पर सोने के लिए भेज दिया। वह व्यक्ति लेटकर कुछ सोच ही रहा था कि उसकी निगाह छत की ओर गई। एक भारी भरकम तलवार सूत से बंधी हुई लटक रही थी। उस व्यक्ति को रातभर नींद नहीं आई। 

उसे आशंका थी कि कहीं धागा टूट गया, तो तलवार उसके सीने में घुस जाएगी। सुबह राजा ने उससे पूछा कि नींद तो आई होगी? उस व्यक्ति ने कहा कि जब मौत सामने हो, तो नींद कैसे आ सकती है। राजा ने कहा कि मैं भी हमेशा याद रखता हूं कि मृत्यु ही सत्य है, बाकी सब मिथ्या है।

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