अशोक मिश्रदेश और विभिन्न राज्यों में गणतंत्र दिवस को धूमधाम और गरिमा के साथ मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि भारतीय संविधान को लागू करने के बाद हम पूर्ण गणतांत्रिक देश के रूप पूरी दुनिया के सामने आए थे। हमारा देश एक संप्रभु देश के रूप में सबके सामने आया था। 26 जनवरी 1950 को धर्म निरपेक्ष राष्ट्र के रूप देश के सभी नागरिकों को भेदभावरहित शासन देने की हमारे नेताओं ने शपथ ली थी।
हर साल हमारे देश के नागरिक गणतंत्र दिवस को मनाकर उस शपथ को याद रखते हैं। अन्य राज्यों की तरह हरियाणा में भी गणतंत्र दिवस को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियां चल रही हैं। सरकार इस पुनीत कार्य में लगी हुई है। सरकारी दफ्तरों से लेकर राज्य के स्कूल कालेज तक सजाए जा रहे हैं, इस अवसर पर प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन पिछले कुछ दशकों से देश में सक्रिय कुछ देश विरोधी संगठन इस पुनीत अवसर पर व्यवधान पैदा कर सकते हैं।
आतंकी संगठन और उनसे जुड़े लोग देश और राज्य को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच सकते हैं। इस बात को मद्देनजर रखते हुए खुफिया एजेंसियां और पुलिस सतर्क हो गई है। वह अभी से राज्य के चप्पे पर निगाह रखे हुए है। इसके बावजूद गणतंत्र दिवस के दिन किसी चूक की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पंजाब पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले के सफीदों से कुलदीप उर्फ कालू को गिरफ्तार किया है। कुलदीप के बारे मे पंजाब पुलिस को हाल ही लुधियाना में गिरफ्तार किए गए दो खालिस्तानी आतंकियों से पूछताछ के बाद जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल हरियाणा पुलिस से सम्पर्क साधा और कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली बम ब्लास्ट मामला सामने आने के बाद उत्तर भारत के राज्यों की पुलिस ने सक्रिय होकर आतंकी नेटवर्क की कमरतोड़ दी है। फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कई प्रोफसरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यही लोग दिल्ली बम ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी थे। इन लोगों का इरादा भारी तबाही मचाकर लोगों को आतंकित करना था। मामला सामने के बाद राज्य सरकार सतर्कहो गई है। गणतंत्र दिवस को लेकर भी पुलिस और राज्य की खुफिया विभाग ने संदिग्ध लोगों पर निगाह रखनी शुरू कर दी है।
राज्य के नागरिकों का भी यह कर्तव्य है कि वह अगर कहीं कुछ असामान्य लगे या दिखे, तो वह चुपचाप पुलिस को सूचित करें। अगर उन्हें कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई देता है, तो उसकी भी जानकारी वह नजदीकी पुलिस चौकी या किसी भी पुलिस कर्मी को दें ताकि किसी तरह के हादसे को रोका जा सके। यदि लोग थोड़े जागरूक हो जाएं, तो आंतकियों के मनसूबों को विफल किया जा सकता है।

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