अशोक मिश्रकूड़ा आज वैश्विक समस्या बनता जा रहा है। पूरी दुनिया कूड़े-कचरे की वजह से परेशान है। कूड़ा-कचरा पर्यावरण के लिए तो हानिकारक है ही, इंसानों में कई तरह की घातक बीमारियों का कारण भी है। एक अनुमान के मुताबिक पूरी दुनिया में दो अरब टन से अधिक ठोस कचरा हर साल पैदा होता है। कहा जा रहा है कि सन 2050 तक ठोस कचरे में 75 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
सालाना 3.8 अरब टन से अधिक ठोस कचरा पैदा होने का अनुमान है। इतनी भारी मात्रा में कचरे का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। भारत में भी कचरा बहुत बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पर्यावरण को होने वाले नुकसान का एक बड़ा कारण कचरा ही है। हरियाणा में जितना भी कचरा उत्पन्न होता है, उसका एक तिहाई हिस्सा प्रबंधन की अकुशलता की वजह से सड़कों, नदियों, नालों, अरावली पहाड़ की घाटियों, खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर कूड़ा पड़ा रह जाता है।
कई बार तो कूड़ा उठाने वाली कंपनियों से कांट्रैक्ट खत्म होने के बाद शहरों में कूड़ा उठाना बंद कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में लोग रात के अंधेरे में इधर उधर फेंक दिया जाता है। हरियाणा में सबसे ज्यादा कूड़ा-कचरा बंधवारी लैंडफिल में पहुंचता है। बंधवारी लैंडफिल अरावली की पहाड़ियों के बीच तीस एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। गुरुग्राम और फरीदाबाद से सबसे ज्यादा कूड़ा बंधवारी लैंडफिल में पहुंचता है। अनुमान है कि रोज यहां पर 16 सौ से दो हजार टन मिश्रित कूड़ा पहुंचता है जिसकी छंटाई नहीं हुई होती है। इस लैंडफिल से अरावली रेंज को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने सड़कों या किसी भी खाली जगहों पर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने की चेतावनी कई बार दी है। समय-समय पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ अभियान भी चलाया गया है, लेकिन खुले में कूड़ा फेंकने की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। कूड़ा करकट फेंकने वालों पर स्थानीय निकायों की चेतावनियों का कोई खास असर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दिया। ऐसी स्थिति में अब सरकार ने फैसला किया है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर कूड़ा फेंकता हुआ पाया गया, तो उससे तत्काल जुर्माना वसूला जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों, पार्कों,सड़क या जोहड़ आदि में पहली बार कूड़ा-करकट फेंकते हुए पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। यदि दूसरी बार कोई व्यक्ति कूड़ा फेंकते पाया गया, तो उससे दस हजार रुपये वसूला जाएगा। अगर कोई बहुत ज्यादा कूड़ा यानी बल्क में फेंकता हुआ पाया गया, तो उससे पच्चीस हजार और दोबारा बल्क में कूड़ा फेंकते पाए जाने पर पचास हजार रुपये वसूला जाएगा। इसके लिए जिले में टीमें नियुक्त की जाएंगी।

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