Friday, January 23, 2026

कांग्रेस में अनुशासनहीनता पर लगाम लगाए बिना नहीं बनेगी बात

 


अशोक मिश्र

बुधवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कुरुक्षेत्र आए। उनका कुरुक्षेत्र आने का मकसद उत्तराखंड और हरियाणा के जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण देना था। करीब सवा पांच घंटे कुरुक्षेत्र में रहे राहुल गांधी ने अपने अध्यक्षों को नसीहत देते हुए कहा कि किसी बड़े नेता की गणेश परिक्रमा करने से बेहतर है कि वह जनता के बीच जाएं। किसी बड़े नेता के आगे-पीछे घूमने से कोई बड़ा नेता नहीं बनता है। 

राहुल गांधी की यह बात सौ फीसदी सही है कि कोई भी नेता तब तक प्रभावशाली और लोकप्रिय नहीं होता है, जब तक उसके पीछे जनता नहीं खड़ी होती है। हमारे देश में जितने भी लोकप्रिय नेता रहे हैं, उनके पीछे अपार जनसमर्थन रहा है। जवाहर लाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक सभी को जन समर्थन हासिल था और है। नेता की पहचान जनता से होती है। 

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि उसके प्रदेश स्तर के नेताओं में एकता नहीं है। कांग्रेस में कई गुट देखने को मिल रहे हैं। जब कोई बड़ा नेता प्रदेश में आता है, तो सारे गुट अपने नेता को दिखाने के लिए एक होने का अभिनय करते हैं। उस नेता के प्रदेश से जाने के तुरंत बाद सब अपनी-अपनी ढफली और अपना अपना राज करने लगते हैं। हरियाणा कांग्रेस में कई गुट हैं और गुटबाजी के चलते अपनी ही पार्टी की छवि को बट्टा लगाते रहते हैं। कांग्रेस की आपसी कलह का फायदा दूसरे दल उठाते हैं। 

यही नहीं, विरोधी दल कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर जनता में जब तंज कसते हैं तो हालात और खराब हो जाते हैं। राहुल गांधी को सबसे पहले तो इस गुटबाजी को जड़ से खत्म करना होगा। वैसे तो खुद राहुल गांधी ने कई बार यह चेतावनी दी है कि कांग्रेस में गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुटबाजी को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह कड़ी कार्रवाई होती कभी नहीं दिखी है। इसी ढुलमुल रवैये के चलते गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। 

कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी ने अपने स्वभाव के अनुरूप एक सकारात्मक पहल जरूर की है। उन्होंने प्रदेश के 27 जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत जरूर की, लेकिन इन जिला अध्यक्षों के माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ भी बातचीत की। उनको कांग्रेस से जोड़ने और लोगों में एकजुटता पैदा करने के लिए सबको एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया। राहुल गांधी से मिलने के बाद इन जिलाध्यक्षों के परिजनों ने आत्मीय जुड़ाव पार्टी के साथ महसूस किया होगा। 

यह सच है कि कांग्रेस हरियाणा में भाजपा के बाद सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन पिछले कई वर्षों से नेता और कार्यकर्ता आम जनता से कट गए हैं। जब कोई दल आम जनता से दूर हो जाता है, तो जनता भी उसे भुला देती है। कार्यकर्ता भी निराश होकर अपने घरों में बैठ जाते हैं।

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