Tuesday, February 3, 2026

केंद्रीय बजट से हरियाणा के उद्योगों को बूस्टर डोज मिलने की उम्मीद


अशोक मिश्र

एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां बजट पेश किया। इस बजट में हरियाणा के औद्योगिक और कृषि विकास के लिए काफी बड़ी हिस्सेदारी मिली है। हरियाणा को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उससे यहां के उद्योगों को भारी भरकम निवेश मिलने की संभावनाएं पैदा हो गई हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र में विकास की गति तेज होने के आसार दिखाई देने लगे हैं। केंद्र सरकार के बजट-2026 में हरियाणा के सात जिलों को सीधी तौर पर फायदा होता दिख रहा है। 

अंबाला, हिसार, करनाल की हवाई पट्टियां सी-प्लेन के लिए डेवलप होंगी। इसके अलावा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में विमान के पुर्जे बनाने वाले छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमईएस) के लिए केंद्र बनेंगे। इतना ही नहीं, बड़े टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना की बजट में घोषणा होने से कपड़ा उद्योग को देशी-विदेशी पूंजी निवेश की भी संभावना है। परंपरागत टेक्सटाइल क्लस्टर्स के आधुनिकीकरण से रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे कई शहरों में रोजगार बढ़ेंगे। इससे बेरोजगारी की समस्या कुछ हद तक खत्म होगी। केंद्रीय बजट में जूते के अपर से इंपोर्ट ड्यूटी खत्म कर दी गई है। 

जूता उत्पादन में लगे उद्योगों को यह सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है।  नान जूता लेदर इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी अब चीन और वियतनाम से जूते के अपर का आयात कर सकेंगे और अच्छा खासा मुनाफा भी कमा सकेंगे। जूते के अपर से इंपोर्ट ड्यूटी खत्म हो जाने से जूते की कीमतों में कमी आएगी जिससे उपभोक्ताओं को भी जूतों की खरीदारी पर कम पैसा व्यय करना पड़ेगा। केंद्रीय बजट में 'बायोफार्मा शक्ति' के तहत दस हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे हरियाणा के फार्मा हब को सीधा लाभ मिलेगा। 

यह निवेश अनुसंधान और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा, जिससे हरियाणा का बायोफार्मा और फार्मास्युटिकल सेक्टर तेजी से आगे बढ़ेगा। पंचकूला जैसे केंद्र एसोसिएटेड बायोफार्मा और मेडरूट्स बायोफार्मा जैसी कंपनियों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले टैबलेट, कैप्सूल और आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं, जिससे कैंसर और शुगर जैसी बीमारियों के लिए सस्ती दवाएं बनाने में मदद मिलेगी। हरियाणा का इलेक्ट्रॉनिक्स, आॅटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पहले से मजबूत है, यह बजट नए निवेश, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी हब बनाने में मदद करेगा। 

एमएसएमई, स्टार्टअप और बायोफार्मा पर फोकस से राज्य के युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेंगे। हरियाणा में अमृत सरोवर बनने से मत्स्य पालकों को भी काफी फायदा होगा। गैर समुद्री क्षेत्र वाले राज्यों में  हरियाणा मत्स्य पालन में दूसरे नंबर पर है। प्रदेश सरकार ने इस बार मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 166 करोड़ मछली के बीज तैयार किए हैं।

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