बोधिवृक्ष
अशोक मिश्र
समय किसी का इंतजार नहीं करता है। जो समय पर अपना काम पूरा कर लेते हैं, वही सुखी रहते हैं। एक बार काम का समय निकल गया, तो फिर लाख प्रयास करने के बावजूद बीते हुए समय को वापस नहीं लाया जा सकता है। आलसी लोग अपने समय की कीमत नहीं समझते हैं। समय बीत जाने पर वह पछताते हैं। किसी गांव में एक किसान रहता था। वह बहुत मेहनती था।खेती-किसानी में वह सुविधा-असुविधा का ख्याल नहीं रखता था। यही वजह थी कि वह खेती करके भी अपने परिवार का बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखता था। उसके एक बेटा था। बेटा बहुत आलसी था। वह हर काम को टालता रहता था। किसान उसे बार-बार समझाता था कि आलस्य करना ठीक नहीं है। इससे जीवन में सफलता नहीं मिलती है और लोग भी आलसी आदमी को पसंद नहीं करते हैं। इसके बावजूद बेटे का आलस्य दूर नहीं होता था। एक दिन की बात है।
किसान को किसी काम से नगर जाना था। उसने अपने बेटे को बुलाया और कहा कि खेत में फसल तैयार खड़ी है। दिन में किसी भी समय बारिश हो सकती है। इसलिए नौकर को लेकर साथ लेकर खेत पर चले जाना और फसल कटवा लेना। उस समय तो बेटे ने काम करने के लिए हां कह दिया, लेकिन वह दिन भर लेटा ही रहा। उस रात जोर की बरसात हुई। अब रात में फसल काटी भी नहीं जा सकती थी।
सुबह बेटा खेत में गया, तो देखा कि बरसात की वजह से फसल खराब हो गई है। तभी किसान भी नगर से आ पहुंचा। बेटा सिर झुकाए खड़ा हुआ था। उसे देखकर किसान हंसने लगा। बोला, मैं जानता था कि तुम फसल नहीं काटोगे, इसलिए पड़ोसी से फसल कटवाने के लिए कह गया था। बेटे ने पूछा कि यह फसल किसकी है। किसान ने कहा कि यह फसल दूसरे की है। उसने फसल तो काट ली थी, लेकिन घर नहीं ले जा पाया था। उस दिन से बेटे ने आलस्य छोड़ने की प्रतिज्ञा की और एक अच्छा किसान बन गया।
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