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Sunday, August 2, 2026

कैंसर से बचाव और रोकथाम के लिए लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी

अशोक मिश्र

कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कल ही फेफड़ा कैंसर दिवस मनाया गया है। हरियाणा सरकार ने भी लोगों को जागरूक करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जागरूकता सेमिनार, भाषण और खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैंसर फैलने के कारण और निवारण पर चर्चा की गई, लेकिन यह भी सच है कि प्रदेश में कैंसर एक नई मुसीबत बनती जा रही है। अब यह केवल शहरी नहीं बल्कि ग्रामीण समस्या बन चुका है। पूरे प्रदेश में मुंह और फेफड़े के कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, वहीं महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और पुरुषों में फेफड़ा व प्रोस्टेट कैंसर प्रमुख हैं। 

राज्य में फेफड़े के कैंसर फैलने का प्रमुख कारण बीड़ी, तंबाकू और हुक्का है। इसके शिकार पुरुष और स्त्री दोनों हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार हरियाणा में 29.1 प्रतिशत पुरुष और 2.5 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। गांवों में बीड़ी, हुक्का और खैनी का प्रचलन अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार ग्रामीण महिलाओं में कैंसर बढ़ने का प्रमुख कारण बीड़ी है। बीड़ी और हुक्का का उपयोग करने में ग्रामीण महिलाएं पुरुषों से बहुत ज्यादा पीछे नहीं हैं। 

हालांकि यह भी सही है कि शहरों में ही नहीं, अब ग्रामीण इलाकों में भी हालात बदल रहे हैं। स्त्री-पुरुष जागरूक हो रहे हैं। बस, चिंताजनक बात यह है कि शहरों में नई पीढ़ी में सिगरेट का चलन थोड़ा बढ़ रहा है। इस पर रोक लगाने का प्रयास करना होगा। इसके लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं होंगे। नई पीढ़ी के अभिभावकों को भी नशे के खिलाफ उतरना होगा। अपने घर के बच्चों को समझाना होगा, इसके नुकसान समझाने होंगे, तभी युवाओं में बीड़ी, सिगरेट और हुक्के के प्रति बढ़ते आकर्षण को रोकना संभव होगा। वैसे राज्य सरकार ने बढ़ते कैंसर को चुनौती के रूप में लेते हुए इससे निपटने के लिए कई स्तर पर कदम उठाए हैं। इस कार्य में केंद्र सरकार आगे बढ़कर सहयोग भी कर रही है। 

केंद्र के सहयोग से झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और अंबाला कैंट में अटल कैंसर केयर सेंटर जैसे केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिला स्तर पर नॉन कम्युनिकेबल डिजीज कार्यक्रम के तहत मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की मुफ्त स्क्रीनिंग की जा रही है। सिविल अस्पतालों में फ्लोराइड लैब के माध्यम से पेयजल जांच करके कैंसर को फैलने से रोकने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। तंबाकू नियंत्रण अभियान के साथ-साथ आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जा रही है। साल 2026 में राज्य सरकार ने 17 जिलों में नए डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू किए हैं। ऐसी स्थिति में कैंसर से बचाव के लिए लोगों की जीवनशैली में बदलाव सबसे प्रभावी उपाय है, जिसमें तंबाकू और बीड़ी-हुक्का पूरी तरह छोड़ना होगा।