Saturday, August 1, 2026

सौ सप्ताह तक नशे के खिलाफ चलेगा अभियान, अब नजीर बनेगा हरियाणा

अशोक मिश्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो अगस्त को ‘नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत संकल्प’ अभियान का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी इस दौरान देश के एक करोड़ से अधिक युवाओं से वर्चुअली जुड़ेंगे और नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेंगे। हरियाणा जैसे राज्यों के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, जहां सौ सप्ताह तक नशे के खिलाफ जनांदोलन की तैयारी चल रही है। 

प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में एक साथ नशा मुक्त भारत की शपथ, नशा मुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण अभियान और फिट इंडिया से जुड़ी विशेष खेल गतिविधियों की शुरुआत होगी। हरियाणा ने अब नशे के खिलाफ लड़ाई को पुलिस फाइलों से निकालकर गली-मोहल्ले तक पहुंचाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने संबोधन में कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं कि नशे को खत्म करना सिर्फ पुलिस का काम नहीं, यह समाज की जिम्मेदारी है। 

नशा मुक्ति केवल उपचार या पुलिस कार्रवाई का विषय नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की पहली शर्त है। जब युवा नशे से दूर रहकर पढ़ेगा, खेलेगा, नवाचार करेगा, तभी वह देश और प्रदेश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बना पाएगा। प्रदेश में नशीले पदार्थों की बिक्री की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि उसका स्वरूप बदल गया है। पहले जहां पंजाब से सटे सिरसा, फतेहाबाद, डबवाली जैसे सीमावर्ती जिलों में हेरोइन और अफीम की तस्करी ज्यादा होती थी। वहीं अब एनसीआर के जिलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और पानीपत तक सिंथेटिक नशा और दोहरे उपयोग वाली दवाओं का जाल फैल गया है। पंजाब और राजस्थान की सीमा से सटा होने के कारण हरियाणा ट्रांजिट रूट भी रहा है। 

स्कूल-कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र और बॉर्डर के जिले इसके सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके माने जाते हैं। सस्ती दवाओं, सिंथेटिक ड्रग्स और अवैध शराब के जरिए तस्कर नेटवर्क ने युवाओं को निशाना बनाया। लेकिन हरियाणा पुलिस और नारकोटिक्स विभाग के आपसी तालमेल ने नशा कारोबार पर जबरदस्त चोट भी की है। राज्य सरकार की अब तक की सफलता को आंकड़ों में देखें तो कार्रवाई बड़े पैमाने पर हुई है। 2020 से 2025 तक के छह वर्षों में हरियाणा में एनडीपीएस एक्ट के तहत 20,519 एफआईआर दर्ज कर 35,207 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बड़े तस्करों के खिलाफ 2,353 एफआईआर में 6,256 बड़ी मछलियों को पकड़ा गया है। वर्ष 2025 को तो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई वाला साल माना जा रहा है, जिसमें अकेले 3,738 एफआईआर और 6,801 गिरफ्तारियां हुईं जिनमें 33 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

 इसके बावजूद मुख्यमंत्री सैनी का यह कहना सही है कि जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक हरियाणा को नशा मुक्त नहीं बनाया जा सकता है। अगर स्कूल, पंचायत, परिवार और प्रशासन एक साथ चले तो हरियाणा नशे के खिलाफ नजीर बन सकता है। 

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