Friday, August 21, 2026

हरियाणा के युवाओं को चाहिए सिर्फ एक भरोसेमंद इकोसिस्टम


अशोक मिश्र

हरियाणा के औद्योगिक और तकनीकी विकास की आधारशिला जेन जी के कंधे पर ही टिकी है। हरियाणा की कुल आबादी का 26.6 प्रतिशत हिस्सा जेन जी है। राज्य की कुल आबादी लगभग तीन करोड़ के आसपास मानी जाती है। इस हिसाब से देखें, तो प्रदेश में लगभग 75 से 80 लाख युवा जेन जी वर्ग में आते हैं। इन्हीं में से वह उद्यमी निकल रहे हैं जो गुरुग्राम की साइबर सिटी से लेकर हिसार की कृषि यूनिवर्सिटी तक अपना बिजनेस खड़ा कर रहा है। इन युवाओं को सफलता का मंत्र देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज गुरुग्राम यूनिवर्सिटी पधारेंगे। इनके साथ होंगे प्रदेश के नामी-गिरामी उद्यमी जो अपने अनुभवों से इन जेन जी इंटरप्रेन्योर को समृद्ध करेंगे। 

कार्यक्रम में छह मास्टर क्लास रूम स्थापित किए जाएंगे और इनके माध्यम से युवाओं को उद्यमी बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। डिपार्टमेंट फार प्रमोशन आफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2026 तक प्रदेश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 11,620 से अधिक हो चुकी थी, जिन्होंने सीधे तौर पर 1,39,600 से ज्यादा नौकरियां पैदा की हैं। 

कुछ महीने पहले तक यह आंकड़ा 8,800 से 9,500 के बीच बताया जा रहा था। हरियाणा में जेन जी इंटरप्रेन्योर का कारोबार अब करोड़ों से निकलकर अरबों डॉलर की वैल्यूएशन में गिना जाने लगा है। राज्य से 19 यूनिकॉर्न निकले हैं, यानी ऐसी कंपनियां जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर से अधिक है। सैनी सरकार ने भी इन युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए सौ करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड, 50 करोड़ रुपये का को-इनवेस्टमेंट प्लान और 2025-26 के बजट में 20 हजार एकड़ में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप बनाने का ऐलान किया है। यह एक सकारात्मक कदम है जिसकी सराहना की जानी चाहिए। 

मुख्यमंत्री लगातार युवाओं से जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान कर रहे हैं। इसके लिए मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने हाल ही में एआई मिशन, सेमीकंडक्टर पॉलिसी और एच-हब जैसे वर्ल्ड-क्लास इनक्यूबेटर की घोषणा की है। लेकिन आशंकाएं भी कम नहीं हैं। प्रदेश में 65 रोजगार कार्यालयों में 4.04 लाख बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। 2024 में 46 हजार से अधिक ग्रेजुएट युवाओं ने सफाई कर्मचारी की संविदा नौकरी के लिए आवेदन किया था। 

यह दर्शाता है कि उद्यमिता का रास्ता अभी सबके लिए आसान नहीं है। इसके बावजूद हरियाणा की कहानी अब बदल रही है। 80 लाख जेन जी में से यदि केवल एक प्रतिशत भी गंभीर उद्यमी बनता है तो प्रदेश को 80 हजार नए उद्यम मिल सकते हैं। अभी तो यह शुरुआत है। मुख्यमंत्री का आज का संवाद इसी कारण महत्वपूर्ण है कि सरकार सुनना चाहती है कि यह पीढ़ी नौकरी मांगना नहीं, नौकरी बांटना चाहती है। उसे चाहिए सिर्फ एक भरोसेमंद इकोसिस्टम।

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