अशोक मिश्र
पिछले दो दिनों से हरियाणा के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल गई है। तापमान में भी गिरावट आई है। लेकिन बरसात के कारण लोगों का घर से निकलना मुुश्किल हो रहा है क्योंकि मुख्य सड़कों से लेकर गलियों की सड़कों पर पानी भरा हुआ है। लोगों के घरों में भी बरसाती पानी जमा हो रहा है। इससे लोग परेशान हैं। सड़कें तालाब बन गई हैं। दो दिन की लगातार बारिश के बाद प्रदेश की अधिकतर सड़कों का नक्शा ही बदल गया है।फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत से लेकर हिसार तक हर शहर में मुख्य सड़कों और अंदरूनी गलियों में घुटने तक पानी भर गया है। जहां सड़क थोड़ी ऊंची है वहां भी बड़े-बड़े गड्ढे पानी में छिप गए हैं, जो राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कों और गलियों में भरा पानी काला और बदबूदार हो गया है जिससे फैलने वाली दुर्गंध से यहां रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। इनमें बीमारी फैलने का भी खतरा है। हर साल बरसात के मौसम में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा जलभराव और सड़कों परबने गड्ढे की वजह से बाधित हो रही है। सावन के पवित्र महीने में हरियाणा के लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं, लेकिन उनके रास्ते में जगह-जगह पानी और कीचड़ भरा है।
सड़कों के ठीकठाक न होने की वजह से नंगे पांव चल रहे कांवड़ियों का संतुलन बिगड़ रहा है। पैरों में छाले और संक्रमण की शिकायत बढ़ रही है। यह कांवडियों की अपने आराध्य भोलेनाथ के प्रति अगाध श्रद्धा ही है जो इतनी तकलीफ सहकर भी अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। आम आदमी के लिए यह बारिश किसी आफत से आफत से कम नहीं है। जब मई-जून में प्रचंड गर्मी पड़ रही थी, तो यही आम जनता बरसात के इंतजार में आकाश की ओर टकटकी लगाए निहार रही थी।
अब जब बरसात हो रही है, तो वह अव्यवस्था का रोना रो रही है। भारी बरसात और सड़कों पर जमा पानी की वजह से एक तरफ स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है, तो दूसरी तरफ कांवड़ मार्गों पर लगाए गए डायवर्जन के कारण शहरों के अंदर का पूरा ट्रैफिक सिस्टम चरमरा गया है। बरसात के दिनों में जगह-जगह पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करने पड़ रहा है।
पानी में देर तक रहने से मच्छर और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, कई जगहों से डेंगू और वायरल बुखार के मामले भी सामने आने लगे हैं। सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से डेंगू और मलेरिया के मच्छरों की तादाद बढ़ रही है। इससे लगभग सभी जिलों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों से डेंगू और वायरल बुखार के मामले भी सामने आने लगे हैं। इससे निपटारा पाना आसान भी नहीं दिख रहा है।
No comments:
Post a Comment