Friday, June 5, 2026

संगठित अपराध के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने कसी कमर

अशोक मिश्र

कोई भी राज्य संगठित अपराध को रोकने में तो सफल हो सकता है, लेकिन असंगठित अपराध को रोक पाना किसी भी राज्य की पुलिस या खुफिया विभाग के लिए संभव नहीं है। असंगठित अपराधों में ऐसे अपराध आते हैं जो योजना बनाकर नहीं किए जाते हैं। अगर कोई दो व्यक्ति किसी चौराहे पर झगड़ कर बैठें और एक व्यक्ति चाकू या बंदूक निकालकर हत्या कर दे, ऐसे अपराध को रोकना किसी के भी वश में नहीं है। 

आपसी झगड़े में हुई हत्या, किसी महिला या बच्ची के साथ किया गया दुष्कर्म जैसे न जाने कितने अपराध हैं जो असंगठित अपराध की श्रेणी में आते हैं। कोई आदमी कब क्या कर बैठेगा, इसका अंदाजा पहले से नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन संगठित अपराध को काफी हद तक रोका जा सकता है। संगठित अपराध अपराधी गिरोहों द्वारा अंजाम दिया जाता है। हरियाणा पुलिस और खुफिया एजेंसियां संगठित अपराध को रोकने का हरसंभव प्रयास कर रही हैं। काफी हद तक उन्हें सफलता भी मिली है। 

एसटीएफ ने वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 और 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस तरह पिछले तीन वर्षों में कुल 941 गैंगस्टर और उनके सहयोगी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हरियाणा पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्य के 10,892 जघन्य अपराधियों की डिजिटल कुंडली तैयार की है। हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल इन अपराधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हरियाणा पुलिस ने चार जिलों के नाम पर विशेष यूनिट भी तैयार की है जो संगठित अपराधी गिरोहों पर विशेष नजर रख रही है। 

पिछले दिनों रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में संचालित विशेष आरजेएसएफ (रोहतक-झज्जर-सोनीपत-फरीदाबाद) यूनिट की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की समीक्षा भी की गई है जिसके परिणाम उत्साहजनक पाए गए हैं। आरजेएसएफ यूनिट उन युवाओं और छोटे अपराधियों पर भी नजर रख रही है जिन्हें गैंगस्टर गिरोह अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हरियाणा में संगठित अपराध और गैंगस्टर सिंडिकेट मुख्य रूप से जबरन वसूली (फिरौती), टारगेट किलिंग और हथियारों की तस्करी में लिप्त हैं। अपराधी गिरोह आए दिन हरियाणा में व्यापारियों, नेताओं और बड़े उद्योगपतियों को रंगदारी देने के लिए धमकाते रहते हैं। 

विदेश में बैठा अपराधी गिरोह का मुखिया प्रदेश में टारगेट किलिंग जैसे अपराध को अंजाम देता रहता है। पुलिस ऐसे कई अपराधियों को भारत लाने में भी सफल हो चुकी है। हरियाणा एसटीएफ अब तक 22 वांछित गैंगस्टरों को विदेशों से डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कर भारत ला चुकी है। अकेले 2026 में अब तक नौ गैंगस्टरों की वापसी सुनिश्चित की गई है। 

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