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Tuesday, November 4, 2025

नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने को केमिस्टों पर दर्ज होगा केस

अशोक मिश्र

नशा किसी व्यक्ति का जीवन ही नहीं लेता, बल्कि पूरे परिवार को एक असहनीय दर्द दे जाता है। नशा परिवार के लोगों का जीवन नरक जैसा बना देता है। नशीले पदार्थों का आदी व्यक्ति जरूरत पड़ने पर अपने घर से ही चोरी करने पर मजबूर हो जाता है जिसकी वजह से घर में क्लेश बढ़ता है। प्रदेश में कुछ ऐसी भी घटनाएं देखने को मिली हैं जिसमें पति-पत्नी के बीच तलाक की नौबत तक आ गई है। कुछ महिलाओं ने तो अपने पति की नशाखोरी की आदत से परेशान होकर आत्महत्या तक कर ली है।

यह स्थिति हरियाणा की ही नहीं, देश के लगभग हर राज्य की है। नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन से कोई भी राज्य अछूता नहीं है। नशाखोरी का चलन किस कदर बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा में नशे की ओवरडोज से लोगों के मरने की संख्या लगातार बढ़ रही है। सिरसा समेत कई जिलों में पिछले दिनों में काफी संख्या में लोग नशे की ओवरडोज के चलते अपने प्राण गंवा चुके हैं। मरने वाले ज्यादातर लोगों की बाजू और शरीर के अन्य हिस्सों में बार-बार सुई लगाने के निशान पाए हैं जिससे यह साबित हुआ कि मरने वाले ने गलती से ओवरडोज नशा कर लिया था। 

इसी समस्या से पंजाब भी जूझ रहा है। पिछले छह महीनों के भीतर पंजाब में सैकड़ों लोग नशे की ओवरडोज से अपनी जान गंवा बैठे हैं। पंजाब और हरियाणा में नशीले पदार्थों की बहुत ज्यादा होने की खबरें हैं। आमतौर पर नशा या फार्मास्यूटिकल ड्रग से होने वाली मौतों के मामले में पुलिस परिजनों के बयान दर्ज करती थी और शव को  पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाता था। 

पुलिस कोई कार्रवाई भी नहीं करती थी जब तक कि परिजन किसी के खिलाफ कोई शिकायत न दर्ज कराएं। लेकिन अब हरियाणा पुलिस ने फैसला लिया है कि यदि किसी की नशे की ओवरडोज से मौत होती है, तो उस ड्रग्स को बेचने वाले केमिस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और उसे दंडित किया जाएगा। इसके लिए पुलिस मरने वाले के फोन की लोकेशन ट्रेस करेगी और जिस मेडिकल स्टोर से उसने ड्रग्स खरीदा होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। वैसे हरियाणा सरकार पिछले काफी दिनों से नशीले पदार्थ की बिक्री रोकने का भरसक प्रयास कर रही है। 

उसने पुलिस अधिकारियों को पूरी छूट दे रखी है कि वह अवैध नशा विक्रेताओं के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करें। इसके बावजूद प्रदेश में अवैध नशे का कारोबार रुक नहीं रहा है। पुलिस कभी कभार छापा मारकर नशे का अवैध कारोबार करने वालों को पकड़ पाने में सफल हो जाती है, लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आते हैं और फिर नशा तस्करी में लग जाते हैं। पुलिस प्रशासन को नशा तस्करों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। तभी हालात सुधरेंगे।