Wednesday, March 18, 2026

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में किसी तरह कांग्रेस ने बचा ली अपनी इज्जत

अशोक मिश्र

देर रात हरियाणा राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से कांग्रेस के पांच विधायकों के क्रॉस वोटिंग का मामला सामने आने के बाद से प्रदेश की सियासत गर्म है। इतनी सावधानी और विधायकों को शिमला शिफ्ट करने के बावजूद आखिरकार भाजपा कांग्रेस में सेंध लगाने में सफल हो ही गई। कल यानी सोमवार को राज्यसभा चुनाव परिणाम आने तक कई उतार-चढ़ाव आते रहे। 

शाम को चार बजे मतदान खत्म होने के बाद जब काउंटिंग की बारी आई तो भाजपा की ओर से कांग्रेस के दो विधायक परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के वोट अवैध घोषित करने की शिकायत चुनाव अधिकारी से की गई। जवाब में कांग्रेस ने भी ह्वील चेयर पर मतदान करने पहुंचे परिवहन मंत्री अनिल विज की वोटिंग को भी अमान्य करने की मांग की। इस विवाद को सुलझाने के लिए चुनाव अधिकारी ने मामला चुनाव आयोग को भेज दिया।

जांच में परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जबकि भरत सिंह बेनीवाल और अनिल विज का वोट वैध माना गया। रात लगभग एक बजे मतगणना हुई और भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को विजयी घोषित किया गया। चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चला कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इस बारे में  दो विधायकों के नाम का खुलासा हो गया है, बाकी विधायकों की जानकारी प्रदेश कांग्रेस ने हाईकमान को दे दी है।  

इसी बीच, राज्यसभा चुनाव नतीजों के 12 घंटे के भीतर हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने पार्टी छोड़ दी।  रामकिशन गुर्जर की पत्नी शैली चौधरी भी इस्तीफा दे सकती हैं। कांग्रेस उन पांच विधायकों को नोटिस देने की तैयारी में है, जिन्होंने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की। कांग्रेस के लिए संतोष की बात इतनी है कि वह अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को मामूली अंतर से जिताने में सफल हो गए। यदि भाजपा का एक वोट कैंसिल नहीं हुआ होता, तो यह जीत भी निश्चित नहीं थी। 

कांग्रेस के सामने यही दिक्कत है। वह अपने विधायकों पर अनुशासन कायम नहीं रख पाती है। इससे पहले भी दो बार कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करके अपनी पार्टी उम्मीदवार को हरा चुके हैं। सन 2016 में हरियाणा में दो पदों के लिए हुए चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग हो चुकी थी और कांग्रेस का जीतता हुआ प्रत्याशी हार गया था। उस समय कांग्रेस के प्रत्याशी वकील आरके आनंद कांग्रेस के 17 में से 14 विधायकों के गलत पेन का इस्तेमाल करने से हार गए थे जबकि कांग्रेस और इनेलो के कुल 37 विधायक थे। सन 2024 में भी ऐसा ही खेल हुआ था। 2024 में बीजेपी के तरफ से कृष्णलाल पंवार तो कांग्रेस के तरफ से अजय माकन उम्मीदवार थे। कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते अजय माकन चुनाव हार गए थे।

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