अशोक मिश्र
दिल्ली के मालवीय नगर में तीन जून को हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। फ्लोरिश स्टे होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। गुरुग्राम के विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के आठ सदस्य भी होटल में लगी आग में जिंदा जल गए थे। विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ दिल्ली साकेत के मैक्स हॉस्पिटल दाखिल अपने पिता से मिलने गए थे और फिर बाद में अपने परिवार और मौसा-मौसी के साथ नाश्ता करने मालवीय नगर के रेस्टारेंट में गए थे जहां सभी की जलकर मौत हो गई थी।दिल्ली की घटना को देखते हुए हरियाणा प्रशासन की भी नींद खुल गई है। उसने हर जिले में ऐसे होटलों और रेस्टोरेंट की पहचान करनी शुरू कर दी है जिनके पास फायर एनओसी है या नहीं। भवन का निर्माण निर्धारित मानकों पर किया गया है या नहीं। यदि कोई संस्थान मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है, तो उसे नोटिस भेजा जा रहा है। इस मामले में कोई आधिकारिक आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमान है कि पूरे राज्य में हजारों होम स्टे, होटल और रेस्टोरेंट संचालित है जिन्होंने वैध तरीके से फायर एनओसी हासिल नहीं की है।
यह सभी अन्य मानकों पर भी खरे नहीं उतरते हैं। हर जिले में संचालित सैकड़ों होटलों और रेस्टोरेंटों में से केवल दस-बारह फीसदी के पास ही फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) है। घनी आबादी में संचालित प्रतिष्ठान किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं जिससे जान-माल का भारी नुकसान संभव है। लगभग हर जिले में ढेर सारे होटल घनी आबादी में स्थित हैं जहां संकरी गलियों के कारण आग लगने जैसी आपदा आने पर दमकल वाहनों के पहुंचने में भी दिक्कत आ सकती है।
यदि कोई हादसा हो जाए तो फायर विभाग के कर्मचारियों को विपदा में फंसे लोगों तक राहत पहुंचा, उन्हें बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप जैसे प्रतिष्ठानों में फायर सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमित जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और फायर एनओसी किसी भी दुर्घटना के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। लेकिन कई बार विभागीय अधिकारियों की भी ऐसे में मामले लापरवाही सामने आती है।
कई प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए हैं या फिर वे अनुपयोगी स्थिति में हैं। राज्य के ज्यादातर होटलों, होम स्टे या रेस्टोरेंट में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म जैसे जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण या तो हैं नहीं या फिर काम ही नहीं कर रहे हैं। कुछ होटल और रेस्टोरेंट तो ग्राउंड फ्लोर पर बने गोदाम में गैस सिलेंडर तक रखते हुए पाए जाते हैं। इससे आग लगने पर हालात काफी विस्फोटक हो जाते हैं। स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में काफी गंभीरता से काम करना होगा और नियम विरुद्ध बने होटलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी।
No comments:
Post a Comment