बोधिवृक्ष
अशोक मिश्र
ईमानदारी और बुरे कर्मों से दूर रहने वाला व्यक्ति अगर अपने मन में कुछ करने की ठान ले, तो वह असंभव लगने वाला काम भी संभव करके दिखा सकता है। बहुत पहले की बात है। अमेरिका में एक एथेंस नामक युवक रहता था। वह अनाथ था। एथेंस बहुत ही मेहनती और स्वाभिमानी व्यक्ति था।एक दिन उसने किसी किताब में पढ़ा था कि ज्ञान अर्जित करने से व्यक्ति विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर सकता है। इससे वह न केवल धन-संपदा का मालिक बन सकता है, बल्कि अच्छे आचरण का मार्ग अपनाकर वह अपना जीवन सफल भी बना सकता है। एथेंस ने उसी दिन संकल्प लिया कि वह जीवन भर अपनी मेहनत की कमाई से ही गुजारा करेगा। वह बुरे कामों से हमेशा दूर रहेगा।
किसी प्रकार का नशा नहीं करेगा। चूंकि वह अनाथ था, तो उसे किसी का सहारा भी नहीं था। वह अपनी मेहनत के बल पर एक दिन वह अमेरिका के सबसे सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। उसकी प्रतिभा को देखकर कुछ छात्रों को बड़ी ईर्ष्या हुई। उन्होंने चोरी का इल्जाम लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया।
जज के पास जब मामला पहुंचा, तो एथेंस ने कहा कि उसने कोई चोरी नहीं की है। तब जज ने कहा कि तुम्हारे साथ पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि तुम चोरी करके इतनी महंगी फीस जमा करते हो। एथेंस ने कहा कि खाली समय में वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता है। एक महिला के घर पर माली का काम करता है।
इससे उसको जो कमाई होती है, वह अपनी फीस जमा करता है। उसका खर्च बहुत कम है। जज ने जब मामले की जांच कराई तो एथेंस की सच्चाई सामने आ गई। उन्होंने एथेंस को मुक्त कर दिया। बाद में एथेंस अमेरिका का सबसे प्रसिद्ध बुद्धिजीवी बना।
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