Friday, June 12, 2026

सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन बन रहे लोगों की मौत का कारण


अशोक मिश्र

वाहन चालकों की लापरवाही सड़क पर चलने वालों के लिए मौत का कारण बनती जा रही है। हरियाणा सरकार, पुलिस प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि सड़कों पर चलने वाले सुरक्षित रहें, घर से बाहर निकलने वाला हर व्यक्ति अपने घर तक सकुशल पहुंचे, लेकिन हादसे कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कई बार यह घोषणा भी कर चुके हैं कि उनका हर संभव प्रयास यही है कि प्रदेश की सड़कों को दुर्घटना रहित बनाया जाए। हर हालत में सड़कों पर होने वाले हादसों की संख्या को शून्य पर लाया जाए, लेकिन वाहन चालकों की लापरवाही मुख्यमंत्री के मंतव्य को धता बता रही है। 

शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो, जब राज्य में कहीं न कहीं सड़क हादसे की खबर न आती हो।  अगर वाहन चालक थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो मुख्यमंत्री सैनी की इच्छा को काफी हद तक संभव बनाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि दोपहिया वाहन चालक और उनके साथ बैठी सवारी हेलमेट जरूर लगाए। सभी तरह के वाहन चालक अपने वाहन को निर्धारित गति सीमा तक ही चलाएं। 

यातायात के नियमों का पालन करें। हरियाणा यातायात पुलिस से आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार 2014 से राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 57,901 लोगों की जान गई है। आश्चर्यजनक बात यह है कि सन 2020 में जब पूरे देश में सख्त लॉकडाउन था। लोगों का घर से निकला प्रतिबंधित था, सड़कें पूरी तरह से सुनसान थीं, तब भी राज्य भर में 9,431 दुर्घटनाएं हुईं। राज्य में पिछले 11 वर्षों में लगभग 1.15 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सन 2017 में 11,258 सड़क दुर्घटनाओं में 5,120 लोगों की जान गई जो 2014 के बाद सबसे अधिक है। आकस्मिक मौतों की संख्या 2024 में 4,689 से बढ़कर 2025 में 4,885 हो गई, जबकि दुर्घटनाओं की संख्या 9,806 से बढ़कर 10,352 हो गई। 

पिछले 11 वर्षों में सबसे कम 4,429 मौतें सन 2015 में दर्ज की गईं। दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष पांच जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से हैं जिनमें गुरुग्राम पहले स्थान पर है। पिछले 11 वर्षों में अकेले गुरुग्राम में 4,988 मौतें दर्ज की गईं। इसके बाद सोनीपत में 4,521, करनाल में 4,113, पानीपत में 3,432 और झज्जर में 2,944 मौतें हुईं। 

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि अधिकांश दुर्घटनाएं तेज गति, लापरवाही से गाड़ी चलाने और गलत दिशा में गाड़ी चलाने के कारण होती हैं। चालक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं या नशे में होते हैं, जो इन दुर्घटनाओं के कारणों में और इजाफा करता है। शराब पीकर गाड़ी चलाना, सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण है। यातायात पुलिस लोगों को विभिन्न माध्यमों से ट्रैफिक रूल्स का पालन करने की लोगों से अपील करती है, लेकिन उसका प्रभाव लोगों पर पड़ता दिखाई नहीं देता है।

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