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Friday, May 8, 2026

विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले ट्रैवल एजेंटों की खैर नहीं

अशोक मिश्र

किसी भी तरह विदेश जाने की ललक पंजाब, हरियाणा और दक्षिण के राज्य केरलम के युवाओं में बहुत है। पंजाब और हरियाणा के युवा तो सोते-जागते अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, रूस और नार्वे जैसे देशों में जाने का सपना देखते रहते हैं। वे लोग सौभाग्यशाली हैं जिनको हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से विदेश भेजा जाता है। 

पिछले साल हरियाणा सरकार ने कौशल रोजगार निगम के जरिये सैकड़ों युवाओं को इजरायल और दुबई भेजा है। दुबई और इजरायल भेजे गए युवा पांच साल तक इन देशों में काम करेंगे। इन्हें अच्छी खासी तनख्वाह भी मिलेगी। लेकिन बहुत सारे ऐसे भी युवा हैं जो डंकी रूट से अमेरिका, कनाडा, रूस, आस्ट्रेलिया और अरब देशों में अच्छी खासी कमाई की चाह में जाते हैं। डंकी रूट से विदेश जाने वाले युवाओं को इसके लिए चालीस-पचास लाख रुपये खर्च करना पड़ता है। 

डंकी रूट से युवाओं को किसी भी देश में पहुंचाने का वायदा करने वाले फर्जी ट्रैवल एजेंट कई बार युवाओं की जान भी जोखिम में डाल देते हैं। इतना ही नहीं, पिछले तीन-साढ़े तीन साल में डंकी रूट से विदेश जाने की कोशिश करने वाले युवा करीब 1700 करोड़ रुपये गंवा चुके हैं। इस मामले में सबसे दुखद बात यह है कि जब गलत तरीके से किसी देश में जाने पर वहां की सरकार इन्हें पकड़ लेती है या भारत के लिए डिपोर्ट कर देती है, तो डिपोर्ट किए गए युवक के परिवार वाले प्रतिष्ठा के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं। 

वह उस आदमी या ट्रैवल एजेंट के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं करते हैं, जिसकी वजह से उनके बेटे की जिंदगी बरबाद हुई होती है। सरकार ने साल 2024 में विदेश भेजने में धोखाधड़ी के खिलाफ हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और विनियमन विधेयक बनाया है। इसे विधानसभा में 28 फरवरी 2024 को पारित किया गया था। इसके तहत मानव तस्करी करने, जाली दस्तावेज तैयार करने या धोखाधड़ी में दोषी पाए जाने पर ट्रैवल एजेंट को कम से कम तीन साल से लेकर अधिकतम दस साल की कैद हो सकती है। 

इसी तरह दो से पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। किसी व्यक्ति या एजेंसी को ट्रैवल एजेंट के रूप में काम करने के लिए सरकार से रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी वैधता तीन साल की होगी, जिसके बाद रिन्यू करवाना होगा। धोखाधड़ी से अर्जित की गई ट्रैवल एजेंट की संपत्ति को जब्त भी किया जाएगा। लेकिन एक बार फिर सैनी सरकार ने ट्रैवल एजेंटों से जुड़े कानून में बदलाव किया है। 

यदि कोई ट्रैवल एजेंट विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करता है, नकली दस्तावेज बनाता है या फिर मानव तस्करी में लिप्त पाया जाता है, तो सात से दस साल की जेल या दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। नए कानून के मुताबिक, दोषी एजेंट की संपत्ति को जब्त करके पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा।