Showing posts with label #हरियाणा #प्रदर्शन #ओलिंपिक #कामन वेल्थ गेम्स #खिलाड़ी #शासनकाल #भाजपा ####. Show all posts
Showing posts with label #हरियाणा #प्रदर्शन #ओलिंपिक #कामन वेल्थ गेम्स #खिलाड़ी #शासनकाल #भाजपा ####. Show all posts

Thursday, November 6, 2025

हरियाणा के स्टेडियमों और खेल परिसरों पर ध्यान दे सरकार

अशोक मिश्र

हरियाणा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। देश में सभी तरह के खेलों में हरियाणा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहता है। चाहे ओलिंपिक हो, कामन वेल्थ गेम्स हों या दूसरी तरह की अंतर्राष्ट्रीय या राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाएं, हरियाणा के खिलाड़ी हमेशा आगे रहते हैं। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रदेश सरकार पैसा भी बहुत खर्च करती है। जब कोई खिलाड़ी कोई पदक जीतकर आता है, तो सरकार उसका स्वागत भी अच्छी तरह करती है। 

इसके बावजूद यह भी सच है कि अभी प्रदेश में बहुत कुछ ऐसा किया जाना बाकी है जिसके चलते ढेर सारी प्रतिभाएं अपना कौशल नहीं दिखा पा रही है। खेल और खिलाड़ियों को निखारने के लिए प्रदेश सरकार बजट में अच्छा खासा पैसा देती है, लेकिन उन पैसों का सदुपयोग नहीं होने से सारा किया धरा बेकार हो रहा है। इस बात का सबसे बढ़िया उदाहरण राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर हैं। 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों का निर्माण किया गया था। इन परिसरों के माध्यम में उन ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने की योजना थी जिनकी आर्थिक स्थिति खराब थी। ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों को सरकारी सहायता और सुविधा प्रदान करके उनकी प्रतिभाओं को निखारने के लिए ही ये परिसर बनाए गए थे। इन परिसरों में कांग्रेस शासनकाल तक थोड़ा बहुत काम हुआ, लेकिन भाजपा शासनकाल में भारी भरकम बजट तो जारी होता रहा, लेकिन धरातल पर उतना काम नहीं हुआ जितने की अपेक्षा थी। 

इन खेल परिसरों के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन एक भी खेल प्रतिभाओं की तलाश इन परिसरों से नहीं हो पाई। दस साल पहले भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में छह जिलों के 27 ग्रामीण खेल परिसरों को खेल के लिए अनफिट करार दिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में खेल परिसरों के नाम पर किस तरह धन का दुरुपयोग किया गया है। कई शहरों में बने स्टेडियम के भी हालत काफी खराब हैं। सोनीपत में स्टेडियम का रखरखाव ठीक से नहीं होने से वहां घास उग आई हैं। कल की ही खबर है कि हाकी खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने के लिए पहले वहां उगी घास काटनी पड़ी। 

उसके खेलने लायक बनाना पड़ा, तब वह प्रैक्टिस कर पाईं। इस स्टेडियम में न पानी की व्यवस्था है, न किसी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। स्टेडियम में चौकीदार और ग्राउंडमैन तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इन विपरीत परिस्थितियों में भी यदि प्रदेश के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में पदक जीतकर लाते हैं, तो इन खिलाड़ियों के साहस, लगन और जुझारूपन की प्रशंसा की जानी चाहिए। सरकार को इन खेल परिसरों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि ग्रामीण प्रतिभाएं निखर सकें।