Monday, March 23, 2026

आगामी ओलिंपिक खेल में 36 पदक जीतने का सरकार ने तय किया लक्ष्य

अशोक मिश्र

पूरे देश में हरियाणा को खिलाड़ियों वाले प्रदेश के रूप में जाना जाता है। यहां की प्रदेश सरकारों ने समय-समय पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाईं, उन्हें प्रोत्साहित किया और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने पर उन्हें सम्मानित भी किया, नकद ईनाम भी दिए। सरकारी नौकरियां प्रदान कीं। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 से लेकर अब तक लगभग 709 करोड़ रुपये करीब 17 हजार खिलाड़ियों को पुरस्कार देने पर खर्च किए हैं। पिछले साल से अब तक 662 खिलाड़ियों को 109 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जा चुकी है। इसका नतीजा यह रहा कि यहां के युवाओं ने भी सरकार को निराश नहीं किया। 

हरियाणा के सबसे ज्यादा खिलाड़ियों ने प्रदेश और देश का नाम विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में रोशन किया है जिनमें भाला फेंक में पानीपत के नीरज चोपड़ा, कुश्ती में सोनीपत के योगेश्वर दत्त और रवि कुमार दहिया, झज्जर के बजरंग पुनिया, रोहतक की साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, बबीता फोगाट, गीता फोगाट, संग्राम सिंह आदि प्रमुख हैं। प्रदेश में ऐसे खिलाड़ियों की भरमार है जिन्होंने समय-समय पर देश और प्रदेश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। 

अब सैनी सरकार ने गुजरात के अहमदाबाद में वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के कुल मिलाकर 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। मिशन ओलिंपिक 2036 में 36 पदक लाने के लक्ष्य लेकर सरकार ने प्रदेश में 21 नए स्टेडियम बनाने का फैसला किया है। इसके लिए हरियाणा में खेलों का बुनियादी ढांचा बेहतर किया जाएगा। प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार करने के लिए जल्द ही वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा खोज अभियान शुरू की जाएगी। 

स्कूल-कालेजों और खेल नर्सरियों में जुझारू खिलाड़ी तलाशे जाएंगे और उन्हें पदक जीतने लायक बनाया जाएगा। 10 से 12 साल के प्रतिभाशाली बच्चों को ओलिंपिक स्तर की प्रतियोगिता के लायक बनाने के लिए राज्य खेल विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सैनी सरकार का 11 जिलों में नए खेल स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव है। कैथल, झज्जर, चरखी दादरी, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, जींद, रोहतक, फरीदाबाद, यमुनानगर, सोनीपत, फतेहाबाद और पलवल जिले में कुल 21 नए खेल स्टेडियम बनाने जाएंगे। 

इनमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। दिव्यांग खिलाड़ियों को समर्पित पैरा खेल स्टेडियम बनाने की दिशा में सरकार ने काम शुरू कर दिया है। राजीव गांधी खेल परिसर दौलताबाद को भी सरकार अपग्रेड करेगी। सरकार ने तो पूरे राज्य में डेढ़ हजार खेल नर्सरियां खोल रखी हैं। इन नर्सरियों में 37 हजार से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इतनी तैयारी के बाद पूरी तरह विश्वास है कि हमारे प्रदेश के खिलाड़ी 36 से कहीं ज्यादा पदक जीतकर लाएंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

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