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Monday, August 25, 2025

चंड अशोक बौद्ध बनने के बाद बना धम्म अशोक

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

मां अगर चाहे तो अपनी संतान का हृदय परिवर्तन कर सकती है। वह चाहे तो उसे अच्छे या बुरे कामों में लगा सकती है। यह मां की प्रवृत्ति पर निर्भर है। कुछ लोग मानते हैं कि कलिंग युद्ध की समाप्ति के बाद जब अशोक अहंकार भरे स्वर में अपनी मां धर्मा को यह बता रहा था कि उसने कलिंग विजय कर लिया है, तो उस समय उसकी मां की आंखों से आंसू गिर रहे थे। 

कहा जाता है कि कलिंग युद्ध में एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और डेढ़ लाख से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हुए थे। लोगों की लाशें देखकर अशोक की मां धर्मा रोए जा रही थी। तब अशोक ने अपनी मां से पूछा कि क्या आप कलिंग विजय से खुश नहीं हैं? उनकी मां ने कहा कि इस युद्ध में लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। अपनी जान गंवाने वाले व्यक्ति किसी के पुत्र, पति, भाई या पिता रहे होंगे। इन लाखों परिवारों को आज कितना दुख हो रहा होगा। यदि तू इस युद्ध में मर जाता तो मुझे कितना दुख होता। 

यह सुनकर सम्राट अशोक के कलेजे में चोट लगी। उसे सच्चाई का एहसास हुआ। उसी क्षण से उसका हृदय परिवर्तन हो गया। कुछ इतिहासकार बौद्ध द्वारा हृदय परिवर्तन की बात लिखते हैं। कुछ इतिहासकारों ने सम्राट अशोक को चंड अशोक भी लिखा है।  इसका कारण यह बताया जाता है कि अशोक शुरू से ही बहुत क्रूर था। वह किसी को भी क्षमा नहीं करता था। 

यह भी कहा जाता है कि उसने अपने 99 सौतेले भाइयों का वध किया था। तभी से उसे चंड अशोक कहा जाने लगा था। बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अशोक ने अपने को पूरी तरह से बदल लिया था जिसकी वजह से उसे बाद में धम्म अशोक भी कहा गया। आज उसे मौर्य राजवंश का सबसे महान शासक माना जाता है।