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Wednesday, August 20, 2025

अग्रोहा में संरक्षित की जाएंगी पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं

अशोक मिश्र

हरियाणा सरकार ने अग्रोहा में अत्याधुनिक संग्रहालय बनाने का फैसला किया है। इस संग्रहालय में अग्रोहा में मिलने वाले पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं संरक्षित की जाएंगी ताकि आने वाली पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके। सैनी सरकार ने फैसला किया है कि अग्रोहा को विश्व पुरातात्विक मानचित्र पर लाकर नई पहचान दिलाई जाए। इसके लिए अग्रोहा और उसके आसपास के पुरातात्विक क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा। प्राचीनकाल का इतिहास बताता है कि अग्रोहा महाराजा अग्रसेन की राजधानी थी। महाराजा अग्रेसन भगवान रामचंद्र के ज्येष्ठ पुत्र कुश के वंशज थे। 

अग्रेसन का राज्य खांडवप्रस्थ, बल्लभगढ़ और अग्र जनपद यानी दिल्ली, बल्लभगढ़ और आगरा तक फैला हुआ था। उन्होंने प्रजा की भलाई के लिए यज्ञों में पशुवध को निषेध कर दिया था। इस आधार पर हिसार के अग्रोहा शहर का महत्व और भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि सैनी सरकार पुरातात्विक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर अग्रोहा के चहुंमुखी विकास पर भी ध्यान दे रही है। 

वैसे अगर हरियाणा प्रदेश के चप्पे-चप्पे को खंगाला जाए तो यहां पुरातात्विक और पौराणिक काल के अवशेष बहुतायत में मिलेंगे। सरकार इस मामले में लगातार प्रयास कर रही है ताकि हरियाणा के गौरवशाली इतिहास से दुनिया को परिचित कराया जा सके। दरअसल, हरियाणा में सिंधु घाटी युग से लेकर मध्ययुगीन सभ्यता के प्रमाण जगह-जगह पर मिलते हैं। सिंधु घाटी सभ्यता काल के अवशेष भिवानी जिले के मीताथल में पाए गए हैं। मीताथल तीसरी-दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व की ताम्र-कांस्य युगीन संस्कृति के अवशेषों के लिए जाना जाता है। इसी जिले के नौरंगाबाद का संबंध भी सिंधु घाटी सभ्यता से पाया गया है। 

विश्व विख्यात महाभारत का युद्ध तो हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ही लड़ा गया था। कुरुक्षेत्र में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हुई थी जिसमें अंतत: सत्य की विजय हुई थी। पानीपत को भी तीन महत्वपूर्ण लड़ाइयों के लिए जाना जाता है। सातवीं शताब्दी में हर्षवर्धन ने पानीपत को अपनी राजधानी बनाकर इसे ऐतिहासिक महत्व प्रदान कर दिया था। धोलावीरा के बाद हिसार में ही स्थित राखीगढ़ी में सिंधुघाटी सभ्यता के सबसे ज्यादा प्रमाण मिले हैं। प्रदेश सरकार इन सभी पुरातात्विक महत्व के स्थलों को संरक्षित करने और उन्हें पर्यटन स्थल में बदलने का प्रयास कर रही है। ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को पर्यटन स्थलों में बदलने से यहां देश-विदेश से लोगों का आवागमन बढ़ेगा। इससे  न केवल प्रदेश के लोगों की आय बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। हरियाणा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।