Thursday, February 12, 2026

अपनी शादी में चर्च नहीं पहुंचे लुई पाश्चर


बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

फ्रांस के महान सूक्ष्म जीवविज्ञानी, रैबीज टीके के आविष्कारक लुई पाश्चर बहुत मेहनती थे। 27 दिसंबर 1822 को फ्रांस में जन्मे लुई पाश्चर के पिता चमड़ा व्यापारी थे। चमड़ा व्यापार में उन्हें कमाई बहुत कम होती थी जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट से ही घिरा रहता था। 

पाश्चर ने 1831 में स्कूली शिक्षा हासिल की। शुरुआती दौर में वह एक औसत छात्र थे। लिखने-पढ़ने में उनका मन नहीं लगता था। उन्हें मछलियां पकड़ना और पेटिंग करना बहुत पसंद था। एक बार उन्होंने अपने माता-पिता की  पेंटिंग भी बनाई थी। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की। पाश्चर ने 1848 में स्ट्रासबर्ग में अध्यापन शुरू किया और बाद में वह रसायन विज्ञान विभाग के हेड बने। 

वह स्ट्रासबर्ग विश्वविद्यालय के एक अधिकारी की बेटी को वह पसंद करते थे। लड़की और उसके मां-बाप भी शादी करने के लिए तैयार थे। उस समय कुत्ते के काटने का इलाज रैबीज टीके की खोज के कारण काफी प्रसिद्ध हो चुके थे। शादी की तारीख तय हो गई। आखिरकार वह तारीख भी आ गई जिस दिन उनकी शादी होनी थी। लुई पाश्चर और लड़की के सभी रिश्तेदार नियत समय पर चर्च पहुंच गए, लेकिन दूल्हा ही गायब था। 

लोगों में अब कानाफूसी शुरू हो गई। काफी समय बाद एक मित्र उन्हें खोजते हुए प्रयोगशाला पहुंचा, तो देखा कि वह एक प्रयोग में बिजी हैं। मित्र ने कहा कि आज तुम्हारी शादी है और तुम यहां हो। प्रयोग तो बाद में भी किया जा सकता है। पाश्चर ने कहा कि कई साल की मेहनत सफल होने वाली है। शादी तो कल भी हो सकती है। प्रयोग पूरा करने के बाद वह चर्च पहुंचे और धूमधाम से उनकी शादी हुई।

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