अशोक मिश्रगरमी के दिनों में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मार्च से लेकर जून तक देश में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। सोमवार को ही लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित कोचिंग संस्थान में लगी आग से 15 लोगों की जान चली गई। इनमें सबसे ज्यादा छात्र-छात्राएं थीं। डिजिटल लॉक डोर नहीं खुलने और चारों ओर धुआं भर जाने की वजह से इन स्टूडेंट का दम घुट गया और मौत हो गई।
कुछ स्टूडेंट्स ने जान बचाने के लिए बाहर छलांग लगा दी। बुरी तरह घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। इसी तरह 3 जून को सुबह दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहे फ्लोरिश होटल एवं गेस्ट हाउस में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें से ज्यादातर विदेशी नागरिक थे। गुरुग्राम के ही आठ लोगों की मौत हुई थी जो एक ही परिवार के थे। मई महीने में दिल्ली के विवेक विहार में कमरे में लगे एसी का कंप्रेशर फटने से लगी आग में नौ लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
पिछले साल जुलाई 2025 में फरीदाबाद के सेक्टर-16 स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में आग लगी थी। कोचिंग सेंटर में लगी आग का कारण शार्ट सर्किट बताया गया था। संतोष की बात यह है कि समय रहते आग बुझा ली गई और जनहानि नहीं हुई। मई 2025 में करनाल जिले के एक कोचिंग सेंटर में भी आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। कोचिंग सेंटर में जब आग लगी थी, तब पांच सौ स्टूडेंट वहां मौजूद थे। हरियाणा के प्रत्येक जिले में सैकड़ों कोचिंग संस्थान चलाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ द ज्ञानम, आईसीएस कोचिंग सेंटर, करियर पॉवर, राइस एकेडमी जैसे चर्चित संस्थान हैं।
जिलों में वैध-अवैध रूप से संचालित होने वाले कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हरियाणा सरकार ने 'हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन आॅफ प्राइवेट कोचिंग इंस्टिट्यूट्स बिल' लागू किया है। संस्थानों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और उचित वेंटिलेशन वाले बुनियादी ढांचे का होना अनिवार्य है। संस्थानों में फर्स्ट-आइड किट और आपातकालीन चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। परिसरों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना और सुरक्षा गार्ड तैनात करना शामिल है।
छात्रों की शिकायतों को सुनने और समाधान करने के लिए एक आंतरिक शिकायत निवारण समिति का गठन की बात भी कही गई। पूरे राज्य में हजारों संख्या में संचालित वैध-अवैध कोचिंग संस्थान नियमों का कितना पालन करते हैं, यह जांच का विषय है। कई जिलों में तो कोचिंग संस्थान ऐसी जगहों पर संचालित हो रहे हैं, जब पर आपदा आने पर फायर ब्रिगेड या पुलिस की गाड़ियों का पहुंच पाना असंभव है। कोचिंग संस्थानों में आपदा के समय निकलने के लिए दूसरा रास्ता भी नहीं है। ऐसे संस्थानों में कोई भी हादसा हो सकता है।
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