अशोक मिश्रहरियाणा में पिटबुल कुत्तों के हमलों की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ताजा मामला सोनीपत के सिक्का कालोनी की है। 14 सितंबर की शाम बुआ अपने छह माह के भतीजे को गोद में लेकर सिक्का कालोनी की गली में टहल रही थी। तभी पड़ोसी का पालतू पिटबुल अचानक दौड़ता हुआ आया और बच्चे पर झपट पड़ा। सीसीटीवी फुटेज देखने पर साफ पता चलता है कि कुत्ता करीब आधा मिनट तक बच्चे को जबड़ों में दबाकर नोचता रहा, घसीटता रहा। लोगों ने डंडे-चप्पल मारकर बड़ी मुश्किल से बच्चे को छुड़ाया।
हमले में बच्चे के चेहरे, पेट और शरीर पर गहरे जख्म हैं। बच्चे को गोद में लेकर टहलने वाली उसकी बुआ भी घायल हुई है। बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है और इलाज जारी है। प्रदेश की यह कोई पहली घटना नहीं है। ऐसी घटनाएं अब अक्सर होती रहती हैं। पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत आदि शहरों से ऐसी खबरें लगातार आती रहती हैं। पिटबुल की उग्रता को समझने के लिए इसकी पृष्ठभूमि देखनी होगी। पिटबुल टेरियर को मूल रूप से इंग्लैंड में सांडों से लड़ाई और बाद में डॉग फाइटिंग के लिए विकसित किया गया था।
चुन-चुन कर सबसे आक्रामक पिल्लों से पिटबुल ब्रीड तैयार की गई थी। इसलिए इसमें दर्द सहने की क्षमता, जिद्दी पकड़ स्वाभाविक रूप से कुत्तों की अन्य प्रजाति ज्यादा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार एक बार पकड़ लेने के बाद पिटबुल अपने शिकार को आसानी से छोड़ते नहीं, इसलिए आधे मिनट का हमला भी जानलेवा बन जाता है। केंद्र सरकार के मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने 12 मार्च 2024 को 23 नस्लों जिसमें पिटबुल टेरियर, अमेरिकन बुलडॉग, रॉटविलर, कैन कोर्सो, डोगो अर्जेंटीनो सहित अन्य शामिल हैं को खतरनाक और उग्र माना था। केंद्र सरकार ने उनके आयात, बिक्री और ब्रीडिंग पर रोक का नोटिफिकेशन जारी किया था।
लेकिन सरकार के इस नोटिफिकेशन के खिलाफ कुछ डॉग लवर्स ने कई राज्यों की हाईकोर्ट में याचिकाएं दीं। जवाब मांगे जाने पर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया था कि वह फिलहाल इस बैन पर अमल नहीं हो रहा है। इस मामले में लोगों से आपत्तियां मंगाई गई हैं। नतीजा यह है कि 2026 तक देश में पिटबुल पर कोई लागू होने योग्य राष्ट्रव्यापी बैन नहीं है। हरियाणा मेंं नगर निगमों ने अपने स्तर पर सख्ती की है। पंचकूला नगर निगम ने पिटबुल और रॉटविलर मिक्स जैसी नस्लों के पालने पर रोक का प्रस्ताव पास किया है।
प्रस्ताव में कहा है कि इस प्रजाति का कुत्ता घर में मिला तो भारी जुर्माना लगेगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी अमेरिकन पिटबुल, पिटबुल टेरियर, बुल टेरियर, कैन कोर्सो, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटविलर समेत सात नस्लों को बैन किया है। बिना पंजीकरण कुत्ता पालने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना तय किया है।
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