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Saturday, May 2, 2026

सीमित संसाधन और कर्मियों की भारी कमी, कैसे बुझेगी आग?

अशोक मिश्र

पूरे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। लोग व्याकुल हैं। पशु-पक्षी भी प्रचंड गर्मी की वजह से परेशान हैं। इसी बीच गर्मी के सीजन में अचानक लग जाने वाली आग से न केवल लोगों की संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि कई बार आग लगने की घटना में जान भी चली जाती है। अत्यधिक गर्मी की वजह से आग बड़ी आसानी से लग जाती है। किसी किसी के घर, कारखाने या आफिस में शार्ट सर्किट होने पर निकलने वाली चिन्गारी भयानक रूप अख्तियार कर रही है। खेतों में रखा गेहूं का अवशेष किसी की लापरवाही से प्रचंड रूप धारण कर रहा है।

किसी ने बीड़ी या सिगरेट पी और लापरवाही से फेंककर चला गया। बीड़ी या सिगरेट का टुकड़ा जहां गिरा वहां अगर आग पकड़ने वाली वस्तु हुई, तो आग लग जाती है। हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हर जिले में गर्मी के चलते आगजनी की एकाध घटनाएं तो रोज ही घट रही हैं। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी अग्निशमन विभाग को होती है। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच औद्योगिक नगरी फरीदाबाद गुरुवार को आग की घटनाएं मुसीबत बन गईं। 

शहर के तीन अलग-अलग इलाकों में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। फायर ब्रिगेड बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। दो आग की घटनाएं ज्वलनशील पदार्थों से भरे स्थानों में लगी। इससे आग को फैलने और इससे भारी आशंका से लोग डर गए। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी की जान नहीं गई। इन हादसों में लाखों रुपये का कच्चा व तैयार माल जलकर खाक हो गया। यह भी सच है कि प्रदेश में अग्निशमन कर्मियों की भारी कम है।

वैसे पूरे प्रदेश में अभी तक केवल 109 सरकारी फायर स्टेशन हैं, जो जनसंख्या और क्षेत्रफल को देखते हुए काफी कम प्रतीत होते हैं। इनमें से भी सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्र में फायर स्टेशन हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में इनकी संख्या काफी कम है। प्रदेश में 59 फायर स्टेशन खोले जाएंगे जिसमें से बीस फायर स्टेशन एनसीआर इलाके में खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन नए फायर स्टेशनों को खोलने की मंजूरी दे चुके हैं। फायर स्टेशन खोलने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों में लगने वाली आग पर जल्दी  से जल्दी काबू पाना है। 

कई बार यह भी देखने में आया है कि जब किसी खेत या औद्योगिक संस्थान में  आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड को पहुंचने में काफी देर लगती है। इसका कारण फायर स्टेशन का बहुत दूर होना है। जब फायर ब्रिगेड चलती है, तो रास्ते में पड़ने वाली टूटी फूटी सड़कें, संकरे रास्ते और सड़कों पर हुआ अतिक्रमण उनकी रफ्तार को काफी धीमा कर देते हैं। ऐसी स्थिति जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती है, तब तक फसल या सामान जलकर स्वाहा हो चुका होता है।