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Tuesday, May 19, 2026

हरियाणा में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध घटे


अशोक मिश्र

महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की संख्या में निस्संदेह कमी आती जा रही है, लेकिन अभी वह इस स्तर तक नहीं पहुंची है कि उसे संतोषजनक कहा जाए। वैसे तो महिलाओं के प्रति अपराध लगभग पूरी दुनिया में होते हैं, लेकिन भारत और उसके पड़ोसी देशों में बाकी दुनिया से कुछ ज्यादा ही होते हैं। महिलाओं से छेड़छाड़, हत्या, दुष्कर्म जैसे न जाने कितने किस्म के अपराध हैं जो महिलाओं को अपने जीवन में झेलने पड़ते हैं। देश के समाचार पत्रों में आए दिन महिलाओं के साथ होने वाले अपराध की खबरें प्रकाशित होती रहती हैं। 

वैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के मुकाबले में हरियाणा की स्थिति काफी बेहतर है। हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि  2024 की तुलना में 2025 में महिलाओं के खिलाफ समग्र अपराधों में 38 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसमें कुल मामले 13,945 से घटकर 8,723 हो गए हैं। चुस्त शासन, सतर्क पुलिस प्रशासन की वजह से ऐसा संभव हुआ है, यह कहने में किसी तरह का संकोच नहीं है। लेकिन कितना अच्छा होता कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराध का प्रतिशत शून्य हो जाता। 

हालांकि यह एक ऐसी आकांक्षा है जो कभी संभव नहीं हो सकती है क्योंकि वर्तमान समाज की संरचना ही ऐसी है। पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं को कमजोर माना जाता है, उनके प्रति बुरी धारणाएं रखी जाती हैं, लेकिन सच यह है कि महिला किसी भी मामले में पुरुषों से कमतर नहीं हैं। यह जो पुरुषवादी मानसिकता है, इसकी वजह से देश-प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध शून्य नहीं हो सकते हैं। जहां तक पुलिस के आंकड़ों की बात है, बलात्कार के दर्ज मामलों की संख्या 2021 में 1,716 से घटकर 2025 में 1,033 हो गई, जबकि अपहरण और अगवा करने के मामले 2,958 से घटकर 1,249 हो गए और पारिवारिक क्रूरता के मामले 5,755 से घटकर 4,562 हो गए। 

बलात्कार और छेड़छाड़ सहित गंभीर अपराधों में सभी पांच वर्षों में लगातार कमी देखी गई है। हरियाणा पुलिस ने घर पर, कार्यस्थल पर, यात्रा के दौरान और कानून के समक्ष खतरों से निपटने के लिए चार आयामी दृष्टिकोण अपनाया है। पूरे राज्य में, 33 महिला पुलिस स्टेशन और महिला अधिकारियों द्वारा संचालित 365 महिला सहायता डेस्क वैवाहिक कलह, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह के लिए गोपनीय, पीड़ित-केंद्रित सहायता प्रदान करते हैं, और वन स्टॉप सेंटर एकीकृत परामर्श और कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

हरियाणा में महिलाओं के खिलाफ अपराध के नवीनतम एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में महिला विरुद्ध अपराध दर राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है। इसके बावजूद सैनी सरकार ने महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। बस, पुलिस प्रशासन को थोड़ी और मेहनत करनी होगी ताकि महिलाओं के साथ होने वाले अपराध को और कम किया जा सके।