अशोक मिश्र
हरियाणा सरकार लिंगानुपात में सुधार लाने का हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन उसके इस प्रयास में प्रदेश में लिंग परीक्षण करने वाले अवैध रूप से खुले क्लीनिक और शहर से लेकर गांवों तक फैले इनके एजेंट, सरकार के मनसूबों पर पानी फेर रहे हैं। राज्य के लगभग सभी जिलों में अवैध तरीके से होने वाले गर्भपात सरकार की लिंगानुपात बढ़ाने की योजना को अंगूठा दिखा रहा हैं।पलवल जिले में ही एक महिला को अवैध रूप से गर्भपात कराते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। अवैध रूप से गर्भपात होने की जानकारी समय पर जिला सिविल सर्जन को मिल गई, तो उन्होंने एक टीम बनाकर अवैध रूप से गर्भपात करने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई की। तलाशी के दौरान टीम ने चिन्हित नोट, गर्भपात से संबंधित दवाइयां, इंजेक्शन सिरींज तथा अन्य मामले से जुड़े यंत्र बरामद किए हैं। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि यह महिला कई साल से अवैध तरीके से गर्भपात करा रही थी और इसके पास चिकित्सा से संबंधित डिग्री या सर्टिफिकेट या वैध लाइसेंस तक नहीं मिला।
छानबीन में पता चला कि आरोपी महिला दसवीं तक ही पढ़ी है। सरकार समय समय पर अवैध गर्भपात के संबंध में लोगों को जागरूक भी करती रहती है। इसके बावजूद एक अच्छी खासी संख्या में महिलाएं भ्रूण की जांच करवाकर अवैध रूप से संचालित गर्भपात केंद्रों पर जाकर कन्या भ्रूण से छुटकारा पा रही हैं। यही नहीं, हरियाणा के पड़ोसी राज्यों में भी महिलाएं गर्भपात करा रही हैं।
राज्य के लगभग हर जिले में इन अवैध गर्भपात केंद्रों के दलाल फैले हुए हैं। यह अपने इलाके में गर्भवती महिलाओं से संपर्क करके उन्हें कन्या भ्रूण की जांच कराने का लालच देते हैं। यदि जांच के बाद भ्रूण कन्या निकलती है, तो उसे जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता है। यही वजह है कि सरकार अपने सभी प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पा रही है। हालांकि यह भी सही है कि अवैध तरीके से होने वाली घटनाएं प्रदेश में बहुत कम हो गई हैं, लेकिन अभी इसके खिलाफ अभियान तेज करने की जरूरत है। हालांकि यह भी सही है कि हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
2025 में यह बढ़कर 923 हो गया है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। 2024 में यह आंकड़ा 910 था, जो बताता है कि सरकारी सख्ती और जागरूकता अभियानों (जैसे पीएनडीटी एक्ट का कड़ाई से पालन) के कारण स्थिति में काफी सुधार आया है। जिला स्तर पर, पंचकूला 2025 में 971 के लिंगानुपात में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा। यह 2024 के 915 से एक बड़ा सुधार था। अगर राज्य सरकार अवैध रूप से खुले क्लीनिकों पर सख्ती की जाए, तो लिंगानुपात सुधारने में दिक्कत नहीं आने वाली है।

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