अशोक मिश्र
बीसवीं शताब्दी के सबसे प्रसिद्ध चित्रकारों में पाब्लो रुइज पिकासो का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। इनका जन्म 25 अक्टूबर 1881 को दक्षिणी स्पेन में हुआ था। इनके पिता भी एक प्रसिद्ध चित्रकार थे। सात वर्ष की आयु में पिता ने इनका प्रारंभिक प्रशिक्षण शुरू कर दिया था।
पिकासो ने कम उम्र में ही अपनी अद्वितीय कला का प्रदर्शन किया था।
यही वजह है कि उन्हें कम उम्र में ही ख्याति मिलनी शुरू हो गई थी। एक बार की बात है। वह पेरिस की यात्रा पर गए हुए थे। पेरिस उन दिनों कला का एक बहुत बड़ा केंद्र हुआ करता था। वहां पर अपने समय के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार और मूर्तिकार रहा करते थे।
उन दिनों पिकासो की आजीविका का साथ चित्रकला ही था।
एक दिन वह खाली बैठे थे, तो उनके पास गर्टूड स्टाइन नाम की लड़की आई। उसके मन में चित्र कला को लेकर ढेर सारे सवाल थे। उन्होंने बड़े धैर्य से उसकी बातें सुनी और उसके सवालों का जवाब दिया।
उसी दौरान उन्होंने उसे एक चित्र बनाकर भेंट किया। बाद में दोनों के बीच दोस्ती हो गई। जब पिकासो की ख्याति ज्यादा हो गई, तो एक दिन अमेरिकी कला संग्रहकर्ता अल्बर्ट बान ने गर्टूड से पूछा कि उसने पिकासो को यह चित्र बनाने के लिए कितना भुगतान किया था।
गर्टुड ने बताया कि यह चित्र पिकासो ने भेंट की थी। बान ने उस पेंटिंग को खरीदने की इच्छा जताई, लेकिन गर्टूड ने उसे बेचने से इनकार कर दिया। हालांकि उस पेंटिंग के उसे लाखों डॉलर मिल सकते थे। दरअसल, उन दिनों किसी द्वारा भेंट में दी गई चीजें अमूल्य हुआ करती थीं। लोग उसे अपने जी जान से ज्यादा सुरक्षा करते थे। भेंट में दी गई वस्तु का मूल्य नहीं, केवल भावना देखी जाती थी।


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