अशोक मिश्र
सावन का पवित्र महीना कल यानी 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं। जो भी भक्त भगवान शिव की सच्चे मन और पूरी आस्था के साथ पूजा करता है, भगवान उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। यही वजह है कि शिवभक्त सावन में भगवान को प्रसन्न करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। इसके लिए वे तमाम परेशानियां सहकर भी गंगा जल लाते हैं और अपने देवाधिदेव भगवान शंकर को अर्पित करते हैं।हर साल की तरह देश-प्रदेश के करोड़ों शिव भक्त कल से कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे। वैसे तो हरियाणा में गंगा का कोई तट नहीं है, लेकिन यह उत्तराखंड, यूपी और दिल्ली को जोड़ने वाला सबसे अहम ट्रांजिट राज्य है। इसलिए हर साल लाखों कांवड़िए हरिद्वार-ऋषिकेश से गंगाजल लेकर यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, हिसार, भिवानी और गुरुग्राम-मानेसर होते हुए अपने-अपने शिव मंदिरों तक जाते हैं। हर साल की तरह राज्य प्रशासन की तरफ से कांवड़ियों के रूट पर गड्ढे भरवाने, सड़क किनारे झाड़ियां साफ कराने, स्ट्रीट लाइट, पीने का पानी, शौचालय, बिजली और सात्विक भोजन के शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजे की आवाज और कांवड़ की ऊंचाई तय सीमा में रखने को कहा गया है ताकि यातायात बाधित न हो। कुछ दिन पहले मेरठ में पांच राज्यों के आला अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक हुई थी जिसमें कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पूरा प्लान तैयार किया गया था। हरियाणा के सामने संतुलन साधने की चुनौती है, एक तरफ कांवड़ियों को सम्मान, सुरक्षा और सुविधा देनी है, दूसरी तरफ स्कूल, अस्पताल और रोजमर्रा की आवाजाही बाधित न हो इसका ध्यान रखना है।
अगर समय से रूट की जानकारी, साफ-सफाई और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से सेवा शिविर लगें और कांवड़िए भी अनुशासन बनाए रखें तो यह यात्रा वाकई सेवा और सौहार्द का उदाहरण बन सकती है। सैनी सरकार ने जो व्यवस्था की है, उसको देखते हुए यही लगता है कि इस बार भी पूरे राज्य में कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित होगी। यदि राज्य और राज्य के बाहर से आने वाले कांवड़िए अनुशासन में रहे, निस्संदेह सरकार उनको हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। सावन का महीना वैसे भी आस्था और विश्वास का है। सात्विकता और शुद्ध आचरण की अपेक्षा इस महीने में हर किसी से की जा सकती है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने पूरे कांवड़ रूट पर मीट और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया है। सुरक्षा के लिहाज से इस बार इंतजाम पहले से कहीं ज्यादा कड़े और तकनीक आधारित हैं। हरियाणा पुलिस ने भी इसे चुनौती के रूप में लेते हुए कांवड़ यात्रा को अबाधित संपन्न कराने की चुनौती स्वीकार की है।
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