Monday, February 16, 2026

नई औद्योगिक नीति से हरियाणा में विकास को लगेंगे नए पंख


अशोक मिश्र

किसी भी देश या प्रदेश में पूंजी निवेश करते समय निवेशक सबसे पहले यह जानकारी हासिल करता है कि उस देश या प्रदेश की कानून व्यवस्था कैसी है? इसके बाद वह आवागमन के साधनों, सड़कों और शासन से मिलने वाले छूट आदि के बारे में विचार करता है। औद्योगिक क्षेत्र का विकास तभी हो सकता है, जब सरकार की नीतियां उद्योगों को प्रश्रय देने वाली हों, उनके विकास में सहयोगी साबित हों। यही वजह है कि नायब सैनी सरकार ने प्रदेश के विकास की आधारशिला रखने के लिए नई औद्योगिक नीति बनाने का फैसला किया है। नई औद्योगिक नीति के तहत राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय उद्योगों और निवेशकों को वह हरसंभव सुविधाएं देने की कोशिश की जाएगी जिससे देशी-विदेशी पूंजी निवेशक आकर्षित हो सकें। यदि प्रदेश में देशी-विदेशी निवेशक पूंजी निवेश करते हैं, तो इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। 

प्रदेश की बेरोजगारी कम होगी। लोगों की कमाई बढ़ने से जीवन स्तर भी उच्च होगा। सैनी सरकार इस प्रयास में लगी हुई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 लक्ष्य में हरियाणा का सबसे ज्यादा योगदान हो। हरियाणा की औद्योगिक स्थिति को देखते हुए यह स्वप्न असंभव भी नहीं लग रहा है। बस, इसके लिए थोड़ी मेहनत और करनी होगी। सैनी का तो यहां तक कहना है कि प्रदेश देशी-विदेशी पूंजी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। इस बार बजट में नई औद्योगिक नीति के साथ-साथ उद्योगों को भारी छूट और सुविधाएं मिलने की संभावना है। 

पिछले बजट में भी सरकार ने राज्य में दस आईएमटी बनाने की बनाने की घोषणा की थी। इन दस नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप में छह पर बड़ी तेजी से काम चल रहा है। बाकी बची चार आईएमटी का काम जल्दी ही शुरू होने वाला है। प्रदेश की कनेक्टिविटी को दुरुस्त करने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। जो सड़कें खराब हो गई हैं या जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, उनको दुरुस्त किया जा रहा है। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिलों की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में आवागमन दुरुस्त हो सके। 

पहले से ही प्रदेश में आवागमन काफी सहूलियत भरा है। राज्य के एक कोने से दूसरे कोने में बहुत आसानी से पांच-छह घंटे में आया जाया जा सकता है। दिल्ली एयरपोर्ट, चंडीगढ़ एयरपोर्ट और हिसार एयरपोर्ट के जरिये हवाई यात्रा को भी सर्वसुलभ करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर कुछ इस तरीके से विकसित किया जा रहा है ताकि आने वाले चार-पांच दशकों तक पूंजी निवेशकों को किसी किस्म की परेशानी का अनुभव न हो। यूरोपीय यूनियन के साथ पिछले दिनों हुए भारत-ईयू समझौते से भी हरियाणा को भारी लाभ मिलने की संभावना है।

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