Tuesday, February 17, 2026

विल्मा ने पोलियो को हराकर जीता गोल्ड

बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

अमेरिका के टेनेसी में 23 जून 1940 को पैदा हुई विल्मा ग्लोडीन रुडोल्फ को बचपन में काफी संघर्ष करना पड़ा। वह समय से पहले पैदा हुई थीं। बचपन में ही निमोनिया और पोलियो की वजह से बायां पैर कमजोर हो गया। वह सहारा लेकर ही चल पाती थीं। 

उनकी मां ब्लैंथ रुडोल्फ और पिता एड रुडोल्फ हमेशा उनका उत्साहवर्धन करते रहे। उन दिनों अमेरिका में स्पोर्ट्स को ज्यादा महत्व दिया जाता था जिसकी वजह से प्राइमरी स्कूल से ही बच्चों को खेलने का मौका दिया जाता था। जब वह बारह साल की हुईं तो एक दिन स्पोर्ट्स पीरियड में उन्होंने अपने टीचर से ओलिंपिक के बारे में जानना चाहा। शिक्षक उसकी बात पर हंस पड़े और व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि तुम अपने पैरों को देखो, दौड़ना तो दूर ठीक से चल भी नहीं पाती हो। ओलिंपिक के बारे में जानकर तुम क्या करोगी। 

वहां मौजूद छात्र-छात्राएं भी उसका मजाक उड़ाने लगे। फिर तो स्कूल में सबने उसका मजाक उड़ाना शुरू किया। तब विल्मा ने अपने शिक्षक से कहा कि एक दिन आप सब मुझे ओलिंपिक में दौड़ते हुए और पदक जीतते हुए देखें। इसके बाद विल्मा ने पहले अपनी बैसाखी से छुटकारा पाने का प्रयास किया जिसमें वह काफी मेहनत के बाद सफल भी हो गईं। इसके बाद उन्होंने दौड़ने का अभ्यास शुरू किया। 

छोटी-मोटी प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर जीत हासिल की। इसके बाद 1960 में रोम में हुए ओलिंपिक में उन्होंने तीन प्रतिस्पर्धाओं भाग लेकर तीन स्वर्ण पदक जीते। एक ओलिंपिक में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली वह अमेरिका की पहली महिला बनीं। 12 नवंबर 1994 को 54 वर्ष की आयु में इस महान महिला धाविका की कैंसर से टेनेसी में मौत हो गई।

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