अशोक मिश्रहरियाणा एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने बहुत ही काबिले तारीफ काम किया है। उसने देश के सामने एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा किया है। घटना 13 सितंबर 2026 की है। इस दिन सुबह पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में फायरिंग हुई। फायरिंग में एक युवती घायल हुई। पुलिस ने मामले की जब जांच शुरू की, तो मामला पहले आपसी झगड़े का लगा, लेकिन जब हरियाणा पुलिस की जांच आगे बढ़ी, तो सारी परतें खुलती चली गईं। इस जांच को गंभीरता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड को जिम्मा सौंपा गया। वहीं से अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा हुआ।
एटीएस ने अब तक तीन मौके से, एक एसएएस नगर से और तीन लुधियाना से कुल मिलाकर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी अमेरिका सहित विदेश में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये हैंडलर स्थानीय लोगों को रहने की जगह, वाहन और पैसा उपलब्ध कराते थे ताकि सीमा पार से ड्रोन के जरिए आने वाले नशीले पदार्थों, हथियारों और ड्रग मनी को निर्धारित जगहों तक पहुंचाया जा सके। यह घटना बताती है कि नार्कोटिक्स का कारोबार और आतंकी गतिविधियां एक-दूसरे से जुड़ गई हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों और हथियारों की खरीद में हो रहा है। स्थानीय नार्को कारोबारी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़कर आतंकियों के लिए काम कर रहे हैं या उनके साथ मिलकर साझा हित साध रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ छापेमारी काफी नहीं है। यह बात हरियाणा एटीएस भी जानती है। इसलिए एटीएस ने सबसे पहले फाइनेंशियल और ड्रोन ट्रेल को तोड़ने जैसा काम शुरू किया है। सप्लाई चेन, हथियार के स्रोत और विदेशी हैंडलरों के पैसे का रास्ता खंगाला जा रहा है।
दूसरी ओर एटीएस ने दक्षिण हरियाणा के नूंह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम बेल्ट में इंटेलिजेंस को मजबूत करना शुरू कर दिया है, जहां सीसीटीवी, किराएदार सत्यापन और साइबर पेट्रोलिंग को एक साथ क्रियान्वित करना शुरू कर दिया है। फरीदाबाद के अल-फलाह जैसे संस्थानों में अपनी जड़ें जमा रहे आतंकियों के मामले दिखाते हैं कि पढ़े-लिखे प्रोफेशनल भी ऑनलाइन ग्रूमिंग का शिकार हो रहे हैं, इसलिए मदरसों, यूनिवर्सिटीज और यूट्यूब इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम पर निगरानी के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग जरूरी है।
एटीएस ने इस पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। हरियाणा एटीएस का गठन जून 2026 में हुआ। यह सीआईडी के अधीन काम करता है। पंचकूला तथा गुरुग्राम में इसके केंद्र हैं। इसमें एनएसजी जैसी कमांडो फोर्स, इंटेलिजेंस विंग, जांच इकाई और काउंटर-रैडिकलाइजेशन सेल शामिल हैं। गठन के कुछ ही महीनों में पंचकूला क्लब फायरिंग मामले में नार्को-टेरर नेटवर्क का पदार्फाश इसकी पहली बड़ी सफलता है।
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