अशोक मिश्रआतंकवाद वैश्विक समस्या है। इस समस्या से कमोबेस सभी देश पीड़ित हैं। कुछ देश तो खुलेआम इसे प्रश्रय भी दे रहे हैं। ऐसे देशों में पाकिस्तान सबसे पहले गिना जाता है। दिक्कत यह है कि पाकिस्तान कभी हमारे ही देश का हिस्सा था और अब पड़ोसी है। स्वाभाविक है कि आतंकवादी घटनाओं का सबसे पहला दुष्प्रभाव हमारे देश को ही झेलना पड़ता है। मुंबई में ताज पर आतंकी हमला, संसद भवन, पुलवामा, पहलगाम और अभी हाल में हुआ दिल्ली ब्लास्ट जैसे न जाने की कितनी घटनाएं हमारे देश में हो चुकी हैं। इन सभी घटनाओं में किसी न किसी रूप में पाकिस्तान का हाथ पाया गया था।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी हुई थी। फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेसर्स दिल्ली ब्लास्ट मामले में मुख्य अपराधी पाए गए थे। काफी मात्रा में विस्फोटक रसायन भी हरियाणा में बरामद किए गए थे। इन सब घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने आतंकवाद विरोधी दस्ता गठित करने की इजाजत गृह विभाग को दे दी है। एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक करेंगे।
गुरुग्राम में एक अलग एटीएस पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा। राज्य सरकार की आतंकवाद के खिलाफ यह एक अच्छी पहल है। इससे राज्य में सक्रिय आतंकवादियों और उनके स्लीपर सेल्स को पकड़ने और आतंकी नेटवर्कको छिन्न-भिन्न करने में सफलता मिलेगी। वैसे अभी तक यह काम पुलिस, खुफिया विभाग और अन्य सुरक्षा से जुड़ी संस्थाएं करती रही हैं। इन संस्थाओं के पास पहले से ही अपने बहुत सारे काम होते हैं, इसलिए आतंकियों की पूरी तरह से निगरानी नहीं कर पा रही थीं।
आतंकवाद विरोधी दस्ते का गठन होने के बाद प्रदेश में आतंकी घटनाओं को रोका जा सकेगा, इसकी उम्मीद हो चली है। एटीएस के पांच विंग होंगे। इस विंग में स्पेशल फोर्स, इंटेलीजेंस-आॅपरेशनल डिपार्टमेंट, रिसर्च-एनालिसिसि विंग और इन्वेस्टिगेशन मुख्य रूप से शामिल रहेंगे। एटीएस का मुख्य काम आतंकी हमलों पर तुरंत सही प्रतिक्रिया देना, आतंकवाद से जुड़े मामलों की अच्छी जांच करना और कोर्ट में सही तरीके से मुकदमा चलाना होगा, ताकि आतंकियों को उनके किए की सजा मिल सके। प्रदेश सरकार ने यह भी तय किया है कि पंचकुला में मुख्यालय के साथ सीआईडी के अंतर्गत एक आतंकवाद-विरोधी दस्ता (एटीएस) सेंटर स्थापित किया जाएगा।
एटीएस दस्ते के गठन के बाद आतंकियों के खिलाफ मुकम्मल कार्रवाई होगी। राज्य से आतंकी घटनाओं को होने से पूरा तरह रोक लग जाएगी, ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए। एटीएस में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक लाभ प्रदान करने का भी राज्य सरकार ने फैसला लिया है, जो स्वागत योग्य है।

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