बोधिवृक्ष
अशोक मिश्र
रेडियोधर्मिता शब्द गढ़ने वाली मारिया उर्फ मैडम क्यूरी ने पोलोनियम और रेडियम जैसे तत्वों की खोज की थी। मैडम क्यूरी वह पहली महिला थीं जिन्हें रसायन और भौतिकी दोनों में नोबेल पुरस्कार दिया गया था। उनके पति पियरे क्यूरी को भी नोबल पुरस्कार दिया गया था। इनके पिता और दादा काफी प्रतिष्ठित और अमीर थे, लेकिन बाद में लड़ाई में भाग लेने की वजह से अपनी धन-संपत्ति गंवा बैठे थे।इसके चलते मारिया और ब्रोन्या को काफी संघर्ष करना पड़ा। उन दिनों पोलैंड रूस के अधीन हुआ करता था। महिलाओं का उच्च शिक्षा हासिल करना उन दिनों पोलैंड में काफी दुष्कर था। इन दोनों बहनों में पढ़ने की बहुत अधिक लगन थी। वह पढ़ना चाहती थीं, लेकिन पढ़ाई के लिए आवश्यक धनराशि नहीं थी।
तब मारिया ने अपनी बहन ब्रोन्या से कहा कि तुम पेरिस जाकर मेडिकल की पढ़ाई करो। तुम्हारी पढ़ाई में जो खर्च आएगा, वह मैं करूंगी। इसके लिए मैं काम खोज लूंगी। पढ़ाई पूरी करने के बाद तुम मेरी पढ़ाई में मदद करना। दोनों बहनों ने एक दूसरे के सहारे अपने भाग्य को चमकाने का फैसला किया। ब्रोन्या पेरिस चली गई। मारिया ने एक नए शहर में एक अमीर परिवार के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।दिन में वह बच्चों को पढ़ाती थीं और रात में खुद पढ़ाई करती थीं। दो साल बाद ब्रोन्या डॉक्टर बनी तो उसने मारिया को उसने पेरिस बुला लिया। बस यहीं से मारिया के जीवन में बदलाव आया। उन्होंने अपने को विज्ञान की सेवा में झोंक दिया। बाद में उन्होंने पियरे क्यूरी से विवाह किया। अपनी बहन की सहायता से मारिया ने न केवल अपना मुकाम हासिल किया, बल्कि मानवता की बहुत बड़ी सेवा की। इनकी सेवा की पूरी दुनिया ने सराहना की।

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