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Saturday, March 14, 2026

युद्ध के दौरान थोड़ी दिक्कत होती ही है, ऐसे में घबराना नहीं चाहिए


अशोक मिश्र

अमेरिका, इजरायल और  ईरान के बीच पिछले एक पखवाड़े से चल रहे युद्ध ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। भारत भी युद्ध के दुष्परिणामों को लेकर परेशान है। पेट्रो पदार्थों की सप्लाई बाधित होने से अन्य राज्यों की तरह हरियाणा में भी रसोई गैस की किल्लत महसूस की जा रही है। प्रदेश सरकार बारबार कह रही है कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लोग परेशान न हों। लेकिन लोगों को सरकार की बात पर भरोसा नहीं है। वह गैस एजेंसी पहुंचकर अपनी बुकिंग कराना चाहते हैं, भरा हुआ गैस सिलेंडर हासिल करना चाहते हैं ताकि उनको खाना बनाने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। 

कहते हैं कि अच्छी बातों को समाज में फैलने के लिए पैरों की आवश्यकता होती है, लेकिन अफवाहें बिना पैर के ही इतनी जल्दी फैल जाती हैं कि हर किसी को ताज्जुब होता है। लोगों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यह अफवाह बहुत तेजी से फैली कि युद्ध के चलते भारत को पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति नहीं हो रही है। होर्मूज जलडमरूमध्य पर ईरानी सेना का कब्जा होने की वजह से तेल और गैस की आपूर्ति घट गई है, यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन हालात अभी इतने भी बदतर नहीं हुए हैं कि रसोई गैस को लेकर परेशान हुआ जाए। लोगों को इस मामले में धैर्य रखना चाहिए। 

उन्हें अपने देश और प्रदेश की सरकारों पर विश्वास करना चाहिए। हरियाणा के कुछ जिलों में गैस एजेंसियों के दफ्तर के सामने बुकिंग कराने वाले लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। ऐसी स्थिति में स्वाभाविक है कि सबकी बुकिंग उस दिन नहीं हो सकती है। कुछ लोगों को तो निराश होकर लौटना ही होगा। बुकिंग न करा पाने से निराश लोग भी बातचीत के दौरान इस बात को हवा दे रहे हैं कि रसोई गैस की कमी है। दरअसल, ऐसा लगता है कि कुछ गैस एजेंसियों के संचालकों ने आपदा में अवसर खोज लिया है। 

वह जान बूझकर रसोई गैस की कृत्रिम कमी को दर्शाकर रसोई गैस की कालाबाजारी करने की फिराक में हैं। खबर यह भी है कि हरियाणा में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री एकाएक बढ़ गई है। जहां महीने भर में एक लाख-सवा लाख इंडक्शन चूल्हा बिकता था, वहीं अब यह आंकड़ा प्रतिदिन का हो सकया है। स्वाभाविक है कि लोग रसोई गैस की किल्लत को ध्यान में रखते हुए इन चूल्हों से खाना पकाया जा सके। इस तरह के हालात पैदा करने के पीछे इंडक्शन चूल्हा कंपनियों का हाथ भी हो सकता है। 

इंडक्शन चूल्हा बिकने से इन्हीं कंपनियों को फायदा भी तो मिल रहा है। लोगों को रसोई गैस के कालाबाजारियों की चाल को समझना चाहिए और किसी भी प्रकार की दहशत मन में नहीं पालनी चाहिए। अब जब युद्ध चल रहा है, तो थोड़ी बहुत दिक्कत तो होगी ही। इससे घबराना नहीं चाहएि।