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Sunday, December 28, 2025

मौत के मुंह में ढकेले जा रहे बॉडी बनाने की चाह रखने वाले युवा

 

अशोक मिश्र

हमारे देश में सदियों से सेहत को लेकर बड़ी जागरूकता रही है। ‘तंदुरुस्ती हजार नियामत है’ जैसी कहावतें बताती हैं कि हमारे देश के लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक रहे हैं। जीवन को सुखी और समृद्ध रखने के लिए व्यक्ति का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। यही वजह है कि लोग अपने को स्वस्थ रखने के लिए अखाड़ों में जाया करते थे। हमारे देश में ही नहीं, पूरी दुनिया में अखाड़े आधुनिक जिम का प्राचीन रूप हुआ करते थे। अखाड़े गांवों से लेकर शहरों तक फैले हुए थे। इन अखाड़ों का स्थान अब गांव और शहरों में खुलने वाले जिम ने ले लिया है। फिटनेस और पतले होने के लिए लोगों ने जिम और विभिन्न क्लबों में जाना शुरू कर दिया है। बॉडी बनाना और फिगर मेनटेन रखना जैसे अब युवक-युवतियों की हॉबी बन चुकी है। 

इसका फायदा उठाकर जिम ट्रेनरों ने डॉक्टरों की मदद से जिम ज्वाइन करने वालों को नशे का आदी बना दिया है। तुरंत रिजल्ट की चाह ने युवाओं को नशे के दलदल में ढकेल दिया है। इसका फायदा उठाकर जिम संचालकों ने उन्हें नशा परोसना शुरू कर दिया है। हरियाणा में ऐसे जिम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो युवाओं को स्टेरायड आदि की जगह नशे का इंजेक्शन लगाकर उनका जीवन बरबाद कर रहे हैं। एक सीमा से अधिक स्टेयराइड का इस्तेमाल करना भी नुकसानदायक है। 

स्टेरायड का उपयोग भी योग्य चिकित्सकों की देख-रेख में ही होना चाहिे। प्रदेश में नशे के कारोबारी जगह-जगह मिल सकते हैं। खासतौर पर उन जगहों पर जहां जिम आदि खुले हुए हैं। आपरेशन हॉटस्पाट मोमिनेशन के दौरान प्रदेश में बड़ी मात्रा में एंटी नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने नशीले पदार्थ बरामद किया है। कई नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और नारकोटिक्स डिपार्टमेंट को इस मामले में अच्छी सफलता मिली है, लेकिन राज्य से नशा तस्करों का पूरा नेटवर्क तोड़ दिया गया है, ऐसा भी नहीं है। 

प्रदेश में जिम क्लबों और उसके आसपास यदि गहनता से जांच की जाए, तो नशा तस्करों को पकड़ने में सफलता मिल सकती है। कहा तो यही जा रहा है कि जिम ट्रेनर, डॉक्टर और पार्टी प्रमोटर्स की मिलीभगत से युवाओं को सप्लीमेंट्स और दवाओं के नाम पर एमडी (मेफेड्रोन) जैसे नशीले पदार्थ दिए जा रहे हैं। बाडी बनाने की इच्छा से जो युवा इनका सेवन कर रहे हैं, कुछ समय बात उनकी किडनी, लिवर आदि बरबाद हो जाती है। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। 

स्वास्थ्य बनाने की प्रत्याशा में जिम जाने वाले युवाओं की जिंदगी कुछ लोग पैसे कमाने के चक्कर में बरबाद कर रहे हैं। राज्य में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं कि इन जिन संचालकों के झांसे में आकर कई युवा अपनी पूरी जिंदगी बरबाद कर चुके हैं। उनका पूरा करियर बरबाद हो चुका है।