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Thursday, March 19, 2026

हरियाणा में डिजिटल अरेस्ट पर रोक लगाएगा डूअल ओटीपी सिस्टम

अशोक मिश्र

डिजिटल अरेस्ट, एटीएम कार्ड की क्लोनिंग और खाता हैक करके रकम उड़ा देने की घटनाएं हरियाणा में बहुत हो रही हैं। पूंजी निवेश या क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर भी डिजिटल ठगी की घटनाएं भी राज्य में आए दिन पढ़ने-सुनने को मिल रही हैं। फरीदाबाद में ही एक प्रॉपर्टी कारोबारी से शेयर बाजार में पूंजी निवेश के नाम पर 17 करोड़ रुपये ठग लिए गए। 

कारोबारी के शिकायत करने पर पुलिस ने आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि अभी इस मामले में गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। कारोबारी के मोबाइल पर पिछले साल अगस्त महीने में एक मैसेज आया था जिसमें शेयर बाजार में पूंजी निवेश से जुड़ा मैसेज आया। कारोबारी ने जब साइबर ठगों से संपर्ककिया तो उन्हें बताया गया कि वे साइबर एक्सपर्ट और सेबी के अधिकृत एजेंट हैं। इसके बाद कारोबारी से 17 करोड़ रुपये पूंजी निवेश के नाम पर ठग लिए गए। यह तो एक बानगी है। 

साइबर ठगी के विभिन्न मामले रोज अखबारों और टीवी चैनल की सुर्खियां बन रही हैं। इतना ही नहीं, डिजिटल अरेस्ट के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के मामले में पीएम नरेंद्र मोदी और सुप्रीमकोर्ट तक अपनी चिंता जाहिर कर चुका है। असल में साइबर ठगी के जितने भी मामले सामने आ रहे हैं, उसमें एक बात साफ हो जाती है कि लोग थोड़ी सी पूंजी होने पर जल्दी से जल्दी उसे दोगुना-तिगुना करना चाहते हैं। इसी लालच का फायदा साइबर ठग उठाते हैं। 

वह इन्हें पूंजी निवेश या दूसरे तरीके से फंसाते हैं और सारी जमा-पूंजी हड़पकर रफूचक्कर हो जाते हैं। हां, डिजिटल अरेस्ट दूसरे किस्म का मामला है। हरियाणा में डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को रोकने के लिए सैनी सरकार डूअल ओटीपी सिस्टम लागू करने की योजना पर विचार कर रही है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी को लेकर कांग्रेस के नूह विधायक आफताब आलम ने विधानसभा सत्र में सवाल पूछे थे। इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए सीएम सैनी ने डूअल ओटीपी सिस्टम लागू करने की बात कही है। 

डूअल ओटीपी सिस्टम के तहत जब कोई अपने खाते से बैंक ट्रांजेक्शन करेगा, तो पहला ओटीपी उसके मूल मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। दूसरा ओटीपी उसके पुत्र, पुत्री या पत्नी-पति को भेजा जाएगा। दोनों ओटीपी का मिलान होने पर ही बैंक ट्रांजेक्शन हो सकेगा। इस व्यवस्था से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो किसी साइबर ठग द्वारा डिजिटली अरेस्ट कर लिए गए होंगे। 

डूअल ओटीपी सिस्टम की वजह से परिवार के दूसरे सदस्यों को पता चल जाएगा कि खाताधारक  वास्तव में जरूरत की वजह से बैंक ट्रांजेक्शन कर रहा है या नहीं। बुजुर्ग व्यक्तियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा और वह डिजिटल अरेस्ट होने के बावजूद लुटने से बच जाएंगे।