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Sunday, March 15, 2026

क्रॉस वोटिंग की वजह से दो बार हारी कांग्रेस फूंक-फूंककर रख रही कदम


अशोक मिश्र

देश में राज्यसभा सांसदों का चुनाव 16 मार्च को होने जा रहा है। उसी दिन चुनाव परिणाम आ जाएगा। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार 26 सीटों पर राज्यसभा सांसद निर्विरोध चुने जा चुके हैं जिसमें से इंडिया गठबंधन को 13, एनडीए गठबंधन को 12 और एक निर्दलीय प्रत्याशी को जीत हासिल हुई है क्योंकि इनके खिलाफ कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारा गया था। 

अब विभिन्न राज्यों की कुल ग्यारह सीटों पर चुनाव होना है जिसमें हरियाणा की दो सीटें भी शामिल हैं। इन दो सीटों के लिए कुल तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित सतीश नांदन के मैदान में उतरने से चुनाव काफी रोमांचक हो गया है। भाजपा अपने 48 विधायकों के साथ-साथ दो इनेलो और तीन निर्दलीय विधायकों को लेकर निश्चिंत है, लेकिन कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर सशंकित है। 

उसे मतदान के दौरान क्रास वोटिंग का भय सता रहा है। यही वजह है कि उसने अपने 37 विधायकों में से  31 को हिमाचल प्रदेश रवाना कर दिया है। अब ये विधायक 16 मार्च को सीधे विधानसभा पहुंचेंगे और मतदान करेंगे। ऐसा कहा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित छह विधायक विभिन्न कारणों से हिमाचल प्रदेश नहीं गए हैं। राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश न जाने वाले छह कांग्रेसी विधायकों द्वारा क्रास वोटिंग करने की आशंका बिल्कुल नहीं है। हुड्डा गुट की मानी जाने वाली जुलाना विधायक विनेश फोगाट पारिवारिक कारणों से हिमाचल नहीं गई हैं। 

वहीं चंद्रमोहन बीमारी की वजह से हिमाचल नहीं गए हैं। टोहाना विधायक परमवीर सिंह और पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास बीमार हैं। यह दोनों विधायक पुराने कांग्रेसी हैं, इस वजह से इनके क्रास वोटिंग करने की कोई आशंका नहीं है। बादली से विधायक और हुड्डा गुट के विश्वसनीय माने जाने वाले कुलदीप वत्स के भतीजे की शादी है, इस वजह से वह भी हिमाचल नहीं गए हैं। दरअसल, कांग्रेस की क्रास वोटिंग की आशंका निराधार नहीं है। इससे पहले भी दो बार कांग्रेस क्रास वोटिंग का शिकार हो चुकी है। 

सन 2016 में हरियाणा में दो पदों के लिए हुए चुनाव के दौरान क्रास वोटिंग हो चुकी है और कांग्रेस का जीतता हुआ प्रत्याशी हार गया था। उस समय कांग्रेस के प्रत्याशी वकील आरके आनंद कांग्रेस के 17 में से 14 विधायकों के गलत पेन का इस्तेमाल करने से हार गए थे जबकि कांग्रेस और इनेलो के कुल 37 विधायक थे। सन 2024 में भी ऐसा ही खेल हुआ था। 2024 में बीजेपी के तरफ से कृष्णलाल पंवार तो कांग्रेस के तरफ से अजय माकन उम्मीदवार थे। 

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों ने अपने वोट बीजेपी एजेंट को दिखाए। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन वोटों को रद्द करने की मांग की मगर वोट रद्द नहीं हुए। नतीजा निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा जीत गए। कांग्रेस विधायकों ने खुलकर क्रॉस वोटिंग की। किरण चौधरी और कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग करके कार्तिकेय शर्मा को वोट दिया और अजय माकन हार गए थे।