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Monday, March 16, 2026

बुजुर्गों को नहीं होना पड़ेगा परेशान प्रशिक्षित स्वयंसेवक करेंगे सहायता


अशोक मिश्र

वृद्धावस्था जीवन का सबसे कष्टकारक पड़ाव होता है। इस अवस्था में ज्ञानेंद्रियां शिथिल हो जाती हैं। आंखों से दिखाई देना बंद हो जाता है। शरीर कमजोर हो जाता है। सुनाई देना भी बंद हो जाता है। ऐसी अवस्था में आमतौर पर बुजुर्ग दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। कल तक जो पूरे परिवार का मुखिया था, जिसके इशारे पर पूरा परिवार संचालित होता था, आज वही व्यक्ति असहाय-लाचार सा कोने में पड़ा रहता है। 

ऐसी स्थिति तब और कष्टप्रद हो जाती है, जब किसी बुजुर्ग की देखभाल करने वाला परिवार में न हो। कुछ मामलों में यह भी देखने में आता है कि बुजुर्ग माता-पिता यहां रह रहे हैं और बेटा या बेटी अपने परिवार के साथ विदेश में रह रहे हैं। कई बार तो इन बुजुर्गों के बेटा-बेटी हालचाल तक नहीं पूछते हैं। ऐसी स्थिति में यदि बुजुर्ग दंपति में से किसी एक को कुछ हो जाए, तो बाकी बचे बुजुर्ग के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। हरियाणा के बुजुर्गों को ऐसी परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए सैनी सरकार ने प्रहरी योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। 

हरियाणा में अब प्रशिक्षित स्वयंसेवक बुजुर्गों के लिए प्रहरी की भूमिका निभाएंगे। प्रहरी अपने इलाके के बुजुर्गों के संपर्क में रहेंगे। यदि उन्हें जरूरत महसूस हुई, तो वह उनकी हर संभव सहायता करेंगे। स्वयंसेवक बुजुर्ग की हर जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करेंगे। यदि उन्हें दवा की जरूरत है, तो वह मेडिकल स्टोर से उनकी दवा लाकर देंगे। बीमार होने पर बुजुर्ग को अस्पताल ले जाएंगे। उनकी देखभाल करेंगे और स्वस्थ होने पर घर पहुंचाएंगे। गैस सिलेंडर भरवाना हो या बिजली बिल जमा करना हो, सब्जी लाने से लेकर छोटी मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए हर समय यह स्वयंसेवक तैयार रहेंगे। 

दरअसल, सन 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रहरी योजना की रूपरेखा तैयार की थी। इस समय प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के सवा तीन लाख बुजुर्ग हरियाणा में रहते हैं। इनमें  से साढ़े तीन हजार से अधिक बुजुर्ग अपने घर में अकेले रहते हैं। यदि इन बुजुर्गों में से किसी को कोई परेशानी हो, तो वह अपने पड़ोसियों से सहायता मांगने की स्थिति में नहीं होता है। ऐसी स्थिति यदि स्वयंसेवी प्रहरी जैसी सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो इन बुजुर्गों का जीवन थोड़ा आरामदायक हो सकता है। कई बार ऐसी भी घटनाएं सामने आई हैं जिसके मुताबिक अकेले रह रहे बुजुर्ग की मौत हो जाने पर भी पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

जब लाश से बदबू आने लगती है, तभी पता चलता है कि पड़ोस में रहने वाले अमुक व्यक्ति की मौत दो दिन पहले हो गई थी। हरियाणा में किसी बुजुर्ग के सामने ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए बुजुर्गों की सेवा करने के इच्छुक लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वह अपने क्षेत्र के बुजुर्ग की सेवा कर सकें।