Thursday, February 26, 2026

कठिन है, लेकिन असंभव नहीं है हरियाणा को नशामुक्त बनाना


अशोक मिश्र

मंगलवार को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में नशीली दवाओं की बिक्री चिंता का विषय है। यह सच है कि हरियाणा में नशीले पदार्थोँ की बिक्री हो रही है, लेकिन कम से कम पंजाब को हरियाणा पर यह आरोप लगाने का हक नहीं है। पंजाब का नाम ही नशीले पदार्थों की बिक्री की वजह से ‘उड़ता पंजाब’ काफी पहले ही पड़ चुका था। नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले सपनों की रंगीन दुनिया में उड़ने लगते हैं, इसलिए नशे में डूबे रहने वाली अधिसंख्य आबादी की वजह से उस प्रदेश के नाम के साथ उड़ता शब्द जोड़ दिया जाता है। 

हरियाणा सरकार इस बात का भरसक प्रयास कर रही है कि राज्य से नशीले पदार्थों का समूल नाश कर दिया जाए। पंजाब में सक्रिय ड्रग माफिया हरियाणा में भी अपना नेटवर्ककायम किए हुए हैं। उधर राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी नशीले पदार्थ हरियाणा में आ रहे हैं। अफीम और पोस्त का छिलका राजस्थान, झारखंड,मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से ही ज्यादातर आ रहे हैं। गांजा भांग की आपूर्ति हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से हो रही है। इन दोनों प्रदेशों में अवैध रूप से गांजा ज्यादा पैदा किया जाता है। 

नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले लोग बड़े पैमाने पर हरियाणा में लाकर युवाओं को नशे का आदी बना रहे हैं। वैसे राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाएं बड़े पैमाने पर राज्य में नशामुक्ति अभियान चला रही हैं। स्कूल कालेजों और यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को खासतौर पर फोकस किया जा रहा है। उन्हें नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। 

स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला स्तर पर खेल परिसरों और स्टेडियम पर भी पुलिस और नारकोटिक्स डिपार्टमेंट की निगाह रहती है। खिलाड़ियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि वह नशे के आदी बनकर अपना जीवन और करियर बरबाद न कर लें। राज्य सरकार ने जिलों में संचालित होने वाले अवैध वेलनेस सेंटरों पर भी कड़ी निगाह रखने का सख्त आदेश दिया है। 

संबंधित विभागों को निर्देश दिया जा चुका है कि वह जल्दी से जल्दी इन अवैध वेलनेस सेंटरों की जांच करके रिपोर्ट पेश करें। राज्य में नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को अपना नेटवर्कबढ़ाना होगा। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी नशीले पदार्थ का कारोबार बढ़ रहा है। नशा माफिया नशीले पदार्थ की सप्लाई और बिक्री के लिए महिलाओं का सहारा ले रहे हैं। इसका कारण यह है कि महिलाओं पर लोगों और प्रशासन का शक कम होता है। महिलाएं बड़ी चतुरता से नशीले पदार्थ की सप्लाई कर देती हैं।

No comments:

Post a Comment