Saturday, August 30, 2025

महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने की पहल का ऐलान

अशोक मिश्र

महिलाएं समाज और देश या प्रदेश की रीढ़ होती हैं। यदि किसी प्रदेश की महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत हैं, तो उस प्रदेश का सर्वांगीण विकास होता है। महिलाओं से ही परिवार बनता है। जब एक परिवार मजबूत होता है, तो जिला और प्रदेश मजबूत होता है। परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए ही प्रदेश सरकार अगले महीने 25 सितंबर से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत करने जा रही है। पहले चरण में 23 से 60 साल की महिलाओं को हर महीने 21 सौ रुपये प्रदान किए जाएंगे। 

यह सुविधा केवल उन महिलाओं को ही मिलेगी जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये है। इसके लिए विवाहित या अविवाहित जैसी कोई शर्त नहीं है। अगर किसी परिवार में एक से अधिक महिला है, तो उसे भी दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा। हां, बस अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का कम से कम 15 साल तक हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है। 

इस योजना का लाभ उठाने वाली महिला अगर 45 साल से ऊपर की हो जाती है तो वह स्वत: ही विधवा या निराश्रित महिला वित्तीय सहायता योजना की पात्र हो जाएगी। इसी तरह साठ साल से ऊपर की हो जाने पर लाभार्थी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना की पात्र हो जाएगी। इसके लिए उसे अतिरिक्त फार्म या भागदौड़ नहीं करनी होगी। प्रदेश सरकार महिलाओं को इस योजना का हिस्सा बनने को प्रेरित करने के लिए एसएमएस भेजने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए एक एप का भी निर्माण किया जा रहा है जिस पर महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। 

पूरे प्रदेश में लगभग 20 लाख महिलाओं को यह सुविधा मिलेगी। विधानसभा चुनावों के दौरान सीएम नायब सैनी ने प्रदेश की महिलाओं को 21 सौ रुपये देने का वायदा किया था। इसके लिए पांच हजार करोड़ रुपये बजटीय प्रावधान किया गया है। हालांकि दूसरे दलों ने भी महिलाओं को इसी तरह की सुविधा देने का ऐलान किया था, लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा पर इस योजना को लागू करने का दबाव था। 

विपक्षी दल भी इस मामले को लेकर सवाल खड़ा कर रहे थे। अब जब सैनी सरकार ने 25 सितंबर की तारीख नियत कर दी है दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू करने की, तो अब विपक्षी दल का आरोप है कि यह प्रदेश की सभी महिलाओं के साथ धोखा है क्योंकि चुनाव के दौरान सभी महिलाओं को यह लाभ देने का वायदा किया गया था। उस समय एक लाख रुपये सालाना आय की बात नहीं कही गई थी। सीएम सैनी ने विपक्षी दलों के नेताओं के इस आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने तो कोई वायदा पूरा नहीं किया था।

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