बोधिव़ृक्ष
अशोक मिश्र
अपाचे जनजाति ज्यादातर मैक्सिको में पाई जाती है। यह जनजाति लड़ाकू जनजातियों में मानी जाती हैं। इन्हें स्वतंत्र रहना काफी पसंद है। अपाचे जनजाति में कई ऐसी महिलाएं हुई हैं जिन्होंने अपनी सभ्यता, संस्कृति और जमीनों की सुरक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया है। उनमें से एक लोजेन भी हैं।लोजेन का जन्म 1840 में न्यूमैक्सिको में हुआ था। मैक्सिकों में लोजेन को बहुत जुझारू और अपनी जनजाति की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाला योद्धा माना जाता है। अपाचे कबीले के पुरुष आमतौर पर युद्ध करते थे और महिलाएं घर का काम देखती थीं। अपाचे योद्धा लोजेन ने बचपन से ही युद्ध कला सीख रखी थी।
आम लड़कियों की तरह वह घर का काम करने की जगह बचपन से ही हथियार चलाना, घुड़सवारी करना सीखा था। उनका भाई और अपाचे कबीले का नेता विक्टोरिया भी बहुत बहादुर था। जब अमेरिका के साथ मिलकर मैक्सिकों की सेनाओं ने अपाचे की जमीन पर कब्जा करना शुरू किया, तो यह अपाचे कबीले को बर्दाश्त नहीं हुआ।
भाई-बहन ने विद्रोह कर दिया और अमेरिकी और मैक्सिको की सेना से भिड़ने के लिए तैयार हो गए। इन लोगों को अपनी स्वतंत्रता अत्यधिक प्यारी थी। भाई-बहन के नेतृत्व में अपाचे योद्धाओं ने दोनों सेनाओं से लोहा लिया। संघर्ष लंबा चला। इसी बीच लोजेन का भाई विक्टोरिया युद्ध में मारा गया। इसके बावजूद लोजेन का साहस कम नहीं हुआ। उन्होंने अपने सैन्य रणनीति से दोनों सेनाओं को खूब छकाया। लेकिन अंत में उन्हें बंदी बना लिया गया। मैक्सिको की इस वीर महिला को जेल में डाल दिया गया। 1889 में लोजेन की जेल में ही मौत हो गई।










