बोधिवृक्ष
अशोक मिश्र
एंटोनियो एगास मोनिज ने अपनी खोजों से मानवता की बहुत सेवा की। उन्होंने मस्तिष्क में होने वाली बीमारियों के इलाज और आपरेशन का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने ल्यूकोटॉमी नामक शल्य क्रिया विकसित की जिससे दिमागी बीमारियों के इलाज का रास्ता खुला।मोनिज को बचपन से ही दिमाग के रहस्यों को सुलझाने में दिलचस्पी थी। वह मनुष्य के दिमाग को सबसे रहस्यमय मानते थे। जब बड़े हुए तो भी उनके दिमाग में यही बात आती रही कि दिमाग में होने वाली बीमारियों का इलाज कैसे किया जाए और कैसे पता लगाया जाए कि दिमाग के अमुक हिस्से में परेशानी है। मोनिज का जन्म 29 नवंबर 1874 को पुर्तगाल में हुआ था।
मोनिज ने स्नातक करने के बाद लिस्बन विश्ववद्यिालय में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर नियुक्त हुए। इसके बाद मोनिज की यात्रा कभी रुकी नहीं। करीब बारह साल तक बार-बार विफल होने के बाद 1927 में उन्होंने सेरेबल एंजियोग्राफी तकनीक विकसि की जिससे मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं की तस्वीर लेना संभव हुआ। इस खोज ने चिकित्सा जगत में नई क्रांति लगा दी इससे मस्तिष्क के रोगों का इलाज संभव हो पाया।
इस नई खोज के लिए सन 1929 में मोनिज को नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। मोनिज को बचपन से ही राजनीति में भी दिलचस्पी थी। वह लोकतंत्र के समर्थक थे। इसके लिए कई बार उन्हें जेल भी जाना पड़ा। सन 1900 में वह सासंद चुने गए। उनका परिवार राजशाही का समर्थक था, लेकिन मोनिज लोकतंत्र समर्थक थे। वह स्पेन के राजदूत भी नियुक्त किए गए। 1917 में वह विदेश मामलों के मंत्री भी बनाए गए। 1919 को उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया। 13 दिसंबर 1955 को 81 वर्ष की आयु में चिकित्सक और राजनेता मोनिज की मृत्यु हो गई।

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