Saturday, January 3, 2026

जो हुआ, बहुत ही अच्छा हुआ


बोधिवृक्ष

अशोक मिश्र

कहा जाता है कि प्रकृति में जितनी भी घटनाएं होती हैं, वह अकारण नहीं होती हैं। उसके पीछे कोई न कोई कारण छिपा होता है। इसी बात को धार्मिक लोग यह कहते हैं कि भगवान जो कुछ भी करता है, वह अच्छे के लिए करता है। भगवान के हर काम के पीछे कोई न कोई भलाई छिपी होती है जिसे हम पहचान नहीं पाते हैं।
इसी संदर्भ में एक कथा पेश करने जा रहा हूं। कहते हैं कि एक राजा शिकार खेलने के लिए अपने मंत्री के साथ वन को गया। शिकार करने का उस राजा को बहुत शौक था। वह जब भी फुरसत मिलती, वह शिकार खेलने के लिए वन को निकल जाता था। 

इस बार उसे काफी भटकने के बाद एक हिरन दिखाई दिया। उसने उस हिरन पर अपना तीर छोड़ने ही वाला था कि तभी पता नहीं कहां से एक सुअर आया और उसने राजा पर छलांग लगा दी। इसी चक्कर में राजा की अंगुली कट गई। राजा की अंगुली से खून निकलने लगा। यह देखकर मंत्री ने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ। यह सुनकर राजा को बहुत गुस्सा आया। एक तो वह संकट में था। उसकी अंगुली से खून बह रहा था। ऊपर से मंत्री कहता है कि जो हुआ अच्छा हुआ। 

राजा ने गुस्से में मंत्री को अपने राज्य से निकाल दिया। राजा का आदेश मानकर मंत्री एक ओर को चल दिया। राजा आगे बढ़ा, तो उसे कबीलों ने घेरकर बंदी बना लिया और अपने सरदार के पास ले गया। सरदार ने पुजारी से राजा की बलि देने को कहा। पुजारी ने राजा की कटी अंगुली देखी तो उसे छोड़ दिया। अब राजा को मंत्री को निकाल देने को लेकर पछतावा हुआ। उन्होंने उसे खोजना शुरू किया, काफी दूर जाने के बाद एक जगह मंत्री भजन करता हुआ मिला। राजा ने माफी मांगी, तो मंत्री ने कहा कि आपने मुझे निकाल दिया था, तो अच्छा किया वरना आपकी जगह मेरी बलि दे दी जाती।

1 comment:

  1. जो होता है , अच्छे के लिए ही होता है।

    ReplyDelete