अशोक मिश्रमहिलाएं परिवार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। जब भी परिवार पर संकट आता है, तो महिलाएं उस धन को संकट से निपटने के लिए अपने पति, पुत्र या पिता को सौंप देती हैं जिसे उन्होंने परिवार को चलाने के लिए मिले पैसे में से कटौती करके बचाया होता है। भारतीय महिलाओं की यह परंपरागत आदत है कि वह अपने पिता, पति और पुत्र के सामने अर्थाभाव का रोना रोती रहती हैं।
घर खर्च के लिए दिए गए पैसे पूरे नहीं पड़ते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर वह उस रकम में भी कुछ न कुछ हर महीने बचा ही लेती हैं। यह हर महीने बचाया हुआ पैसा एक दिन परिवार के संकट के समय काम आता है। महिलाएं अब स्वयं अपने पैसे में कटौती करके बचा सकें या परिवार की सुख-सुविधाओं में योगदान दे सकें, इसके लिए सैनी सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत की है।
1 नवंबर को हरियाणा दिवस पर सीएम नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की 5,22,162 महिलाओं के बैंकखातों में 109 करोड़ रुपये डाले थे। प्रत्येक महिला के खाते में 21सौ रुपये आए थे। 21 सौ रुपये उन महिलाओं के बैंक खाते में डाले गए थे जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम थी। लेकिन अब सैनी सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना में विस्तार किया है। इस योजना में अब उस परिवार की महिलाओं को भी शामिल किया गया है जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख अस्सी हजार से कम है। लेकिन इस मामले में एक शर्त भी है।
विस्तारित योजना में उस परिवार की महिला को ही शामिल किया जाएगा जिसने सामाजिक विकास में योगदान दिया है। अर्थात जिसने अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके विकास पर ध्यान दिया है। दसवीं और बारहवीं कक्षा में जिन बच्चों ने अस्सी प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं, उन्हीं महिलाओं को 21 सौ रुपये मासिक प्रदान किए जाएंगे। इसमें से 11 सौ रुपये तो महिला के बैंकखाते में सीधे डाले जाएंगे। बाकी बचे एक हजार रुपये की एफडी या आरडी खाता खोला जाएगा और पांच साल या सरकार द्वारा तय की गई अवधि के बाद ब्याज सहित रकम महिला के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यदि किसी कारणवश महिला की बीच में ही मौत हो जाती है तो आरडी या एफडी की रकम उसके नामिनी को उसी समय सौंप दी जाएगी। यही नहीं, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देने के लिए भी भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत कक्षा एक से चार तक ग्रेड लेवल निपुणता प्राप्त करने वाले बच्चों की माताओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना में शामिल किया जाएगा।
विस्तारित योजना से कुछ महिलाओं को लाभ जरूर होगा। लेकिन जो शर्तें लगाई गई हैं, उसके चलते लाभार्थी महिलाओं की संख्या काफी कम होने की उम्मीद है। हालांकि यह भी सही है कि इससे कम से कम कुछ महिलाओं को तो लाभ मिलेगा।

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