Sunday, September 6, 2026

हनीट्रैप जैसी घटनाओं का सबसे बड़ा कारण दिखावे की संस्कृति

अशोक मिश्र

कुछ लोग हनीट्रैप और देह व्यापार जैसी घटनाओं को व्यक्तिगत नैतिक पतन मानकर बहुत हलके अंदाज में लेते हैं। वास्तविकता यह है कि हनी ट्रैप जैसी घटनाएं संगठित अपराध का रूप लेती जा रही हैं जो समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलावों का प्रतीक हैं। हनीट्रैप और देह व्यापार जैसी घटनाओं के पीछे आर्थिक असमानता और रोजगार का संकट जैसे कारण सामान्यत: दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा में तेजी से बढ़ती आकांक्षाएं, शहरीकरण और दिखावे की संस्कृति ने कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालसा को जन्म दिया है। 

जब वैध रोजगार के अवसर सीमित हों और सोशल मीडिया पर अमीरी का प्रदर्शन रोज दिखे तो कुछ लोग देह को या झूठे रिश्ते को कमाई का जरिया बना लेते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर जैसे प्लेटफॉर्म पर अनजान पहचान बनाना, फर्जी प्रोफाइल से भावनात्मक जाल बुनना बेहद आसान हो गया है। ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने ही मकान मालिक को हनी ट्रैप में फंसाकर 24 लाख रुपये ऐंठ लिए हैं। इसके बाद भी वह अपने मकानमालिक का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं थी। 

राज्य में ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामले में तो सैनिक और सेना अधिकारी भी लिप्त पाए जाते हैं। कुछ मामलों में हनीट्रैप देश विरोधी गतिविधियों का माध्यम भी बनता है। सीमा से लगे हरियाणा जैसे संवेदनशील राज्य में तैनात सैनिकों, सैन्य अधिकारियों या रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े कर्मचारियों को भावनात्मक या यौन प्रलोभन देकर फंसाया जाता है। फिर उनसे गोपनीय जानकारी, तैनाती, अभ्यास या हथियारों से संबंधित सूचनाएं निकाली जाती हैं। यह तरीका अक्सर सीमा पार खुफिया एजेंसियों द्वारा अपनाया जाता है, जहां सोशल मीडिया पर सुंदर महिला की प्रोफाइल बनाकर सैनिक को प्रेम जाल में फंसाया जाता है। 

ऐसे में एक व्यक्तिगत कमजोरी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू पर सैन्य और खुफिया एजेंसियों को सोशल मीडिया पर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। पारंपरिक सामाजिक ढांचे में पुरुषों की प्रतिष्ठा और परिवार की इज्जत को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। झूठे यौन उत्पीड़न या बलात्कार के आरोपों का डर कई पुरुषों को चुपचाप समझौता करने पर मजबूर कर देता है। 

पीड़ित अक्सर सार्वजनिक शर्म और परिवार के दबाव के कारण पुलिस के पास जाने से कतराते हैं, जिससे अपराधियों को प्रोत्साहन मिलता है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कठोर कानूनों का एक वर्ग ब्लैकमेल के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। शिकायत दर्ज कराने के नाम पर थाने में फोटो खिंचवाकर भेजना, झूठे रेप केस की धमकी देना, यह पैटर्न लगभग हर हरियाणा के हनीट्रैप गिरोह में दिखता है। इससे वास्तविक पीड़ितों की विश्वसनीयता भी कमजोर होती है।

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