अशोक मिश्रहरियाणा में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है। हरियाणा ही नहीं, देश के कई राज्यों में हीटवेव चल रही है। गर्मी के इस कहर का खामियाजा सबको भुगतना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है। इससे कृषि उत्पादन और श्रम उत्पादकता में भारी गिरावट आती है।
किसान गर्मी की वजह से अपने कृषि कार्य नहीं कर पाता है। गेहूं काटने के बाद खाली हुए खेत में आमतौर पर मौसमी सब्जियां आदि उगाकर अतिरिक्त कमाई कर लेता है। लेकिन ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से उसका कार्य बाधित होता है। अत्यधिक तापमान से दुधारू पशुओं (जैसे मुरैना भैंसों और गायों) के दूध देने की क्षमता घट जाती है, जिससे ग्रामीण आय प्रभावित होती है। इन दिनों बिजली की मांग और पानी की खपत बढ़ जाती है। हर घर में पंखा और एसी का उपयोग बढ़ जाता है।
इससे लोगों को बिजली पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं। राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ जाती है। इसे पूरा करने के लिए सरकार को भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है। इन दिनों प्रचंड गर्मी की वजह स्थानीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह बाधित हो रही है। लोग गर्मी की वजह से घर से बहुत कम निकल रहे हैं। बहुत मजबूरी होने पर ही लोग घर से बाहर निकलते हैं। ज्यादातर लोग शाम को ही बाजार आदि जाते हैं जिससे व्यापारियों को काफी आर्थिक नुकसान होता है।
भीषण लू और उच्च तापमान के चलते सबसे अधिक नुकसान असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को उठाना पड़ता है। इससे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की उत्पादकता तो प्रभावित होती ही है, उनकी आय भी कम हो जाती है। निर्माण कार्य और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की उत्पादकता कम हो जाती है। दोपहर के समय काम रोकना पड़ता है, जिससे श्रम घंटों का भारी नुकसान होता है। हरियाणा की कृषि और औद्योगिक हब जैसे गुरुग्राम और फरीदाबाद की अर्थव्यवस्था पर इसका सम्मिलित प्रभाव पड़ता है।
गर्म हवा और तापमान को देखते हुए डॉक्टर भी लोगों को यही सलाह देते हैं कि बारह बजे से लेकर चार बजे तक संभव हो, तो बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। यदि मजबूरी में निकलना ही पड़े, तो घर से ही थोड़ा बहुत ठोस पदार्थ और पानी पीकर ही निकलें। साथ में पानी की बोतल जरूर अपने साथ रखें। शरीर की तरलता बरकरार रखनी चाहिए ताकि लू न लग सके। सिर सहित पूरे शरीर को अवश्य ढककर रखें। इन दिनों उल्टी दस्त, तेज गर्मी की वजह से चक्कर आने, शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों का सरकारी और निजी अस्पतालों में आना बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए घर पर ही बैठना ज्यादा सुरक्षित है।
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