Sunday, April 12, 2026

सड़कों की खराब दशा और तेज रफ्तार की वजह से हो रहे हादसे


अशोक मिश्र

वाहनों की रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। यह सभी वाहन चालक जानते हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक रूल्स का पालन नहीं करते हैं। इसकी वजह से उनकी जान जाने का तो खतरा बना ही रहता है, इनके वाहनों की ओवर स्पीड सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों के लिए भी जानलेवा साबित होती है। वाहनों के निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलाने की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। 

शुक्रवार की ही रात पलवल जिले की तीन घटनाओं में जीजा-साले सहित चार युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। दो लोग बुरी तरह घायल हैं और अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। पलवल में केएमपी एक्सप्रेस वे पर महेशपुर गांव के नजदीक बाइक सवार जीजा साले को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों लोग बाइक समेत काफी दूर जाकर गिरे। हादसे के बाद भी अज्ञात वाहन चालक रुकने की जगह भाग खड़ा हुआ। 

अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद जीजा-साले दोनों मृत घोषित कर दिए गए। इसी तरह होडल हसनपुर रोड पर डराना मोड़ के पास बाइक पर सवार तीन दोस्तों को अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मारकर घायल कर दिया। इनमें से एक युवक की तत्काल मौत हो गई और बाकी दोनों दोस्तों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यही नहीं, धतीर और टहरकी के बीच अपने भतीजे को अस्पताल में खाना देकर लौट रहे व्यक्ति को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी और मौके से चालक फरार हो गया। 

इन तीनों मामलों में टक्कर मारने वाले चालक मौके से फरार हो गए थे। दरअसल, सात साल पहले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की निर्धारित स्पीड को 10 से 20 प्रतिशत बढ़ा दिया है। तब कहा गया था कि यदि वाहन की स्पीड के कारण होने वाले चालन मामलों में पांच प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी। एक्सप्रेस वे पर सौ की जगह 120, फोरलेन सड़कों पर 90 से बढ़ाकर सौ किलोमीटर प्रति घंटा वाहनों की स्पीड निर्धारित की गई थी। 

एक्सप्रेस वे और फोरलेन सड़कों पर सौ-एक सौ बीस की स्पीड में दौड़ रहे वाहन के सामने जब अचानक कोई गाड़ी, इंसान या लावारिस पशु आ जाता है तो ऐसी स्थिति में वाहन को नियंत्रित करना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में सड़क हादसे की आशंका काफी बढ़ जाती है। कई बार अचानक ब्रेक मारने से वाहन उलट जाता है या फिर सामने से आर रहे वाहन से टकरा जाता है। 

वाहन की स्पीड तेज होने की वजह से नुकसान भी बहुत ज्यादा होता है। कई बार तो इंसानी नुकसान बहुत ज्यादा हो जाता है। एक्सप्रेस वे और फोरलेन सड़कों पर गलत साइड से वाहनों के आने पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे सड़क हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है। सड़कों की खराब दशा भी ज्यादातर सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार है।

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