अशोक मिश्रइन दिनों पूरे उत्तर भारत में आसमान से आग बरस रही है। दिन के साथ-साथ रातें भी अब गर्म हो चुकी हैं। इसका प्रभाव आम जनजीवन में काफी बुरा पड़ रहा है। हरियाणा में भी दिन का तापमान चालीस डिग्री सेंटीग्रेड से पार चला गया है। लोग अब तो यही कामना करने लगे हैं कि किसी तरह मानसून आ जाए और बरसात होने से लोगों को राहत मिले। लेकिन अभी हरियाणा में मानसून आने में लगभग एक महीने का समय बाकी है। बरसात के दिनों में अलग तरह की परेशानियां लोगों को होती हैं।
कहीं जलभराव हो रहा है, तो कहीं नालियां जाम हो चुकी हैं जिसकी वजह से घरों, दुकानों और सड़कों पर पानी जमा हो गया है। ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने दो दिन पहले ही अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि नहरों, नालों, नालियों और सीवरेज से जुड़े जितने भी काम हैं, वह बीस जून तक पूरे कर लिए जाने चाहिए। यदि निर्धारित समय तक किसी भी क्षेत्र में काम पूरे नहीं हुए, तो संबंधित अधिकारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानकर उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
बरसात के दिनों में लोगों को किस तरह की परेशानी होती है, इस बात को शासन अच्छी तरह समझता है। यही वजह है कि इसी साल जनवरी में ही सीएम सैनी ने बरसात आने से पहले होने वाले कामों को उसी समय से शुरू करने का आदेश दिया था। उस समय दिए गए आदेश पर कितना अमल किया गया, यह तो नहीं मालूम है, लेकिन दो दिन पहले सीएम ने नहरों, नालों और नालियों की सफाई, नालों, नालियों और सीवरेज को दुरुस्त करने का एक बार फिर आदेश दिया था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह ने तो सभी निकाय आयुक्तों और प्रशासन को निर्देश दिए थे कि बीस जून से पहले नाले-नालियों की सफाई कर ली जाए। ताकि राज्य के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करने पड़े। सीएम सैनी ने कई बार कहा है कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट की सफाई कराई जाए। यदि पिट ऊंचाई पर है, तो उसको नीचा किया जाए। यदि पिट की मरम्मत की जरूरत है, तो तत्काल उसकी मरम्मत की जाए ताकि बरसात के दिनों में पानी का संरक्षण किया जा सके। गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और हिसार कई ऐसे शहर हैं जहां पर थोड़ी सी ही वर्षा में जलभराव की समस्या हर साल लोगों को सहनी पड़ती है।
हर साल बरसात आने से पहले नालों की सफाई के नाम पर करोड़ोरुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी इन जिलों में रहने वालों को परेशानी का सामना करना ही पड़ता है। हर साल प्रशासन लोगों को भविष्य में किसी किस्म की परेशानी न होने का आश्वासन देता है, लेकिन समय आने पर वही परेशानियां फिर सामने आ खड़ी होती हैं। सीएम सैनी की सक्रियता की वजह से उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार मानसून के मौसम में लोगों को जलभराव आदि समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी।

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